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महाभारत कालीन वस्तुओं को सहेजे है ममलेश्वर महादेव मंदिर

Posted on: 23 Jun 2018 09:48 by shilpa
महाभारत कालीन वस्तुओं को सहेजे है ममलेश्वर महादेव मंदिर

नई दिल्ली :कोई आपको बोले की उसने पांच हजार साल पुराना और महाभारत कालीन गेहू का दाना जो 200 ग्राम वजन का है ..देखा है तो आप क्या कहेंगे ? जी यह बिलकुल सही है और आप भी चाहो तो इसे देख सकते है इसके लिए आपको जाना पड़ेगा ममलेश्वर महादेव मंदिर जो हिमाचल प्रदेश की करसोगा घाटी के ममेल गांव में स्थित  है।
हिमाचल प्रदेश धार्मिक स्तर पर महत्वपूर्ण राज्य है इसे देवभूमि भी कहा गया है यहा ना जाने कितने प्राचीन मंदिर स्थित है . ऐसा ही एक मंदिर है ..ममलेश्वर महादेव मंदिर जो की भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है।

इस मंदिर का संबंध पांडवो से भी है क्योकि पांडवो ने अपने अज्ञातवास का कुछ समय इसी गाँव में बिताया था।

भीम ने यहां मारा था एक राक्षस को :
एक कहानी है जब पांडव अज्ञातवास में घूम रहे थे तो वे कुछ समय के लिए इस गाँव में रूके । तब इस गाँव पर एक राक्षस का कब्ज़ा था ,गाँव के बाहर के एक गुफा में वो रहता था .राक्षस के प्रकोप से बचने ने लिए गाववालों ने राक्षस से एक समजौता किया हुआ था की वो रोज एक आदमी को भोजन के साथ उसके पास भेजेंगे जो उसका आहार होगा ताकि वो पुरे गाव को एक साथ ना मारे. पांडवों ने जिस घर का आतिथ्य स्वीकार किया था आज उस घर के बेटे का राक्षस के पास जाने का अवसर था . उस लड़के की माँ को रोता हुआ देखकर पांडव व्यथित हुए और अपना अतिथिधर्म निभाने के लिए उस लडके के बजाए भीम खुद राक्षस के पास गया भीम जब उस राक्षस के पास गया तो उन दोनो में भयंकर युद्ध हुआ और भीम ने उस राक्षस को मारकर गांव को उससे मुक्ति दिलाई कहते है की भीम की इस विजय की याद में ही यह अखंड धुनी चल रही है। मान्यता है की ये महाभारत काल से निरंतर जल रहा है।

पांडवो से गहरा नाता :
इस मंदिर का पांडवों से गहरा नाता है .इस मंदिर में रखे गये प्राचीन ढोल के बारे में कहा जाता है की वो भीम का है . इसके अलावा मंदिर में स्थापित पांच शिवलिंगों के बारे में कहा जाता है की इसकी स्थापना स्वयं पांडवों ने की थी।

गेंहूँ का दाना
इस मंदिर का आकर्षण है वो गेहू का दाना जो पांडवों का बताया जाता है .अब वो पुजारी के पास रहता है अगर आप वो देखना चाहते हो तो आपको पुजारी से कहना पड़ेगा . पुरात्तव विभाग भी इन सभी चीज़ों की अति प्राचीन होने की पुष्टि कर चूका है।

पास ही एक मंदिर जिसमे दी जाती नर बलि :
इस मंदिर के पास एक प्राचीन एक और विशाल मंदिर है जो सदियों से बंद पड़ा है कहा जाता है प्राचीन समय में यह यज्ञ किया जाता था जिसमे नरबली भी दी जाती थी तब भी केवल पुजारियों को ही प्रवेश की अनुमति थी अब भी सिर्फ पुजरिही जा सकते है .

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