भीख मांगने की कगार पर आ गए जैन परिवार के लिए एक अपील

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आज एक अत्यंत हृदय विदारक दृश्य का साक्षात्कार हुआ। आप सभी से इसे साझा करना अत्यंत आवश्यक है। मेरे मित्र सौरभ ( Saurabh Dawra ) ने मुझे बड़े चिंतित होकर फोन किया कि वे सीएचएल हॉस्पिटल के सामने से गुज़र रहे हैं और उन्हें एक परिवार सड़क पर बड़ी असहाय अवस्था मे बैठा दिखा है और उनके पास एक बच्चा भी है, परिवार की हालत अच्छी नही दिख रही पर महिला और पुरुष उसे लेकर बैठे हुए हैं जैसे उन्हें किसी मदद की दरकार हो , आप प्लीज़ कुछ कर सकते हैं तो कुछ करें, मुझे सिर्फ आपके नाम ध्यान आया तो आपको कॉल किया है , क्या किया जा सकता है उनके लिए।

मेरे एलआईजी कॉलोनी के मित्र का फोन नही लगा और मैं खुद वहां पहुंच गया । देखा तो ये तीन लोग बेबस वहां बैठे हुए हैं….. चुपचाप…., जब उनसे मैंने बात करना चाही तो वे सीधे बोले हम भिखारी हैं , गरीब हैं, जैन परिवार से है , एक बेटा जिसकी 25 वर्ष की आयु में हत्या कर दी गई थी और यह मानसिक और शारिरिक रूप से विकलांग बेटी है। हम दोनों बूढ़े 62 और 65 वर्ष से ज्यादा के हैं। इसे एक पल नही छोड़ सकते यह काबू नही आती।

सिर्फ एक घर है जनता क्वार्टर, नेहरू नगर में । घर की आर्थिक स्थिति ऐसी है कि खाने पीने के लिए भीख मांगना पड़ती है क्योंकि नेहा (बेटी) को एक पल नही छोड़ सकते । कोई दवाई नही चाहिए बस भोजन, बिजली का खर्च चल जाये तो हमारा काम हो जाता है । इनका नाम ताराचंद जैन और शोभा जैन है , बिटिया नेहा जैन पूर्ण रूप से विकलांग है। वे इतने दुखी और बेबस थे कि सीधे अपने आप को भिखारी कहने में कोई संकोच नही कर रहे थे। ये पेप्फलेट छपवा रखा है। हर मंगलवार CHL हॉस्पिटल के बाहर और बाकी दिन साईं मंदिर नंदा नगर कब आमने अपनी बेटी के साथ ऐसे ही बैठकर मदद की गुहार लगाते हैं ।

सौरभ की तरह मेरा मन बुरी तरह दुखी हो गया , कुछ सौ रुपये देकर आया पर मुझे पता है वो शायद 2 दिन में ही खत्म हो जाएंगे। इसीलिए ये पोस्ट शेयर कर रहा हूँ। शायद मेरा विश्वास भी ऐसा है जैसे मेरे दोस्त का मुझ पर है की इंदौर वाले इस विकट समस्या को सुलझाएंगे, जैन कम्युनिटी तो बहुत सक्षम और संपन्न है शायद इन्हें कोई कार्य , घर , राशन देने में मदद कर पाए। या फिर हम इन्हें किसी संस्था से मदद दिलवा सकें ।

इनका नंबर भी है 7389646515…

क्या स्मार्ट और क्लीनेस्ट सिटी और कई सौ सोशल क्लब्स से भरे हुए मेरे इंदौर वाले इस दुविधा में हमारे इंदौर वाले इस बेसहारा परिवार की मदद करेंगें? शुक्रिया सौरभ का जिन्होंने इनके दुख को समझा और मुझे कॉल किया। शायद ऐसे ही कड़ी जुड़े और ईश्वर के इस प्यारे परिवार को सहायता मिल जाये।

समीर शर्मा की फेसबुक वाल से

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