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क्या हुआ बंगाल में ? | Amit Shah’s Road Show Violence Discussion in the Media and Political Areas…

Posted on: 15 May 2019 19:53 by bharat prajapat
क्या हुआ बंगाल में ? | Amit Shah’s Road Show Violence Discussion in the Media and Political Areas…


लेखक – एन के त्रिपाठी ( रिटायर्ड आईपीएस अफसर )

दिनांक 12 मई को मतदान के दिन और 14 मई को कलकत्ते में अमित शाह के रोड शो में हुई हिंसा की घटनाओं के बारे में मीडिया और राजनीतिक क्षेत्रों में काफी चर्चा है। अपने बंगाल के सूत्रों से ग्राउंड जीरो से प्राप्त जानकारी और बंगाल के अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर मैं इन घटनाओं के बारे में वास्तविक वस्तुस्थिति रखना चाहता हूँ।

कल दिनांक 14 मई को उत्तर कलकत्ता में अमित शाह का प्रभावी रोड शो आयोजित किया गया। भाजपा को आखिरी चरण में उत्तर कलकत्ता सीट जीतने की आशा है।रोड शो में कलकत्ता निवासियोंके अतिरिक्त भाजपा द्वारा पूरे बंगाल से पार्टी के समर्थक एकत्र किये गए थे। यह रोड शो ईश्वर चंद्र विद्यासागर महाविद्यालय के सामने से गुजरने वाला था।इस महाविद्यालय के टीएमसी के यूथविंग के कार्यकर्ता अमित शाह को काला झंडा दिखाना चाहते थे। वहाँ पर जुलूस के पहुँचने से पहले पुलिस द्वारा इन विद्यार्थियों को कॉलेज के गेट के अंदर कर दिया गया था। रोड शो के पूरे जुलूस के निकल जाने के बाद कॉलेज के समक्ष ।ठटच् के कार्यकर्ता, जिनमें अधिकांश बंगाल के हिन्दी भाषी कार्यकर्ता थे, एकत्र हो गए।कुछ ही देर में दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया और यह कहना कठिन है कि पथराव किसके द्वारा प्रारंभ किया गया। दुर्भाग्यवश घटनाक्रम मे महान शिक्षा सुधारक विद्यासागर जी की मूर्ति क्षतिग्रस्त हो गई।कॉलेज के गेट के बाहर रखें कुछ मोटर साइकिलों को आग लगा दी गई। घटना की सूचना मिलते ही तत्काल कोलकाता पुलिस ने पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में किया।

दिनांक 12 मई को छठवें चरण के मतदान के समय दिन भर सभी मीडिया चैनलों के द्वारा घाटाल क्षेत्र में हुई हिंसक वारदातों को दिखाया जाता रहा।इस संसदीय क्षेत्र की उम्मीदवार भारती घोष अपने चुनाव प्रचार में अनेक आपत्तिजनक कारणों से स्थानीय मीडिया में चर्चा में रही।उनके वाहन में मतदाताओं को बाँटने के लिए धन और सामग्री होने के श़क पर जब उनके वाहन की चेकिंग की गई तो उन्होंने चेकिंग नहीं होने दी तथा अप्रिय दृश्य उपस्थित किया।चुनाव से कुछ ही दिन पहले वे क्षेत्र के ग्राम केशपुर पहुँची जो पूरी तरह से ज्डब् का समर्थक गाँव था । उन्होंने ग्राम वासियों को धमकी देते हुए चुनाव के बाद देख लेने के लिए कहा। मतदान के दिन वे इसी ग्राम के बूथ पर पहुँची जहाँ उनके साथ सशस्त्र सुरक्षा गार्ड था। नियमानुसार ये गार्ड बूथ से 2 सौ मीटर के अंदर नहीं जा सकते हैं परंतु ये बूथ तक गए । जब स्थानीय महिलाओं ने भारती घोष को रोका तब वहाँ तनाव बढ़ गया और ब्प्ैथ् के सुरक्षा गार्डों ने गोली चालन कर दिया जिसमें 1 गोली स्थानीय निवासी के हाथ में एक तरफ से लग कर दूसरी तरफ से निकल गई और सौभाग्यवश वह बच गया। उल्लेखनीय है कि भारती उस दिन कलकत्ता सेअपने साथ 12 मीडिया हाउसों को ले कर ने आईं थी और इन घटनाओं का व्यापक प्रचार मीडिया पर होता रहा।

बंगाल में चुनावी हिंसा में जो कुछ हो रहा है वह भारतीय प्रजातंत्र के लिए शर्मनाक है और इसके लिए सभी राजनीतिक दलों को हिंसा से दूर रहने का प्रयास करना चाहिए।
बंगाल के चुनाव का मेरे आंकलन से एक चिंताजनक पहलू यह है कि 23 मई को रिजल्ट निकलने के पश्चात पूरे बंगाल में आगामी काफी समय तक भारी हिंसा होने की संभावना है।

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