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माइनिंग घोटाले की आंच में घिरा सकते हैं यूपी के बड़े नेता

Posted on: 06 Jan 2019 12:12 by Pawan Yadav
माइनिंग घोटाले की आंच में घिरा सकते हैं यूपी के बड़े नेता

यूपी के हमीरपुर में हुए खनन घोटाले में सीबीआई ने तेज तर्रार आईएएस बी चंद्रकला के घर सहित 14 जगहों पर छापामार कार्रवाई की थी, जहां जरूरी दस्तावेज और लाॅकर बरामद किए थे। हमीरपुर के खनिज विभाग में क्लर्क रहे राम अवतार के घर से दो करोड़ रुपये कैश जब्त किए थे। कई ऐसे दस्तावेज भी मिले हैं, जिनसे बड़े नेताओं पर भी आंच आ सकती है। गौरतलब है कि खनिज विभाग गायत्री प्रजापति के पास था। प्रजापति के हटने के बाद खनिज विभाग करीब एक-डेढ़ साल तक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास ही था। जांच में पाया कि हमीरपुर माइनिंग साइट पर सरकारी और प्राइवेट वाहन चलाने वाले ड्राइवरों ने लूट और फिरौती जरिये करोड़ रूपए कमाए। सीबीआई के मुताबिक एनजीटी की रोक बावजूद 2012-2016 के बीच हमीरपुर माइनिंग के नियमों के खिलाफ टेंडर जारी किए गए। उस दौरान तत्कालीन डीएम बी.चंद्रकला, खनन मंत्री रही गायत्री प्रजापति और खनन विभाग के अन्य अधिकारियों ने एनजीटी के नियमों के खिलाफ काम किया। इतना ही नहीं, उस दौरान नए टेंडर तो जारी किए, बल्कि पुराने टेंडर का भी नवीनीकरण कर दिया। इसमें बड़े अफसर और नेताओं के ड्राइवरों को लीज होल्डरों से फिरौती मांगने की खुली छूट दे दी गई, जो फिरौती नहीं देता है, उसकी गाड़ी अंदर नहीं जाने देते थे। सीबीआई प्रवक्ता अभिषेक दयाल का कहना है कि सरकारी नियमानुसार, माइनिंग का टेंडर केवल ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के तहत अलॉट किया जाना था। प्रशासनिक अधिकारियों ने इस नियम की कोई परवाह नहीं की। मैनुअली तरीके से प्रक्रिया अपनाकर माइनिंग का टेंडर दे दिया गया।

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