ध्वनियों को हम कभी भी समाप्त नहीं कर पाएंगे: Dr.Rachana Nigam

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Dr rachana nigam

अखिल भारतीय महिला साहित्य सम्मेलन (Akhil Bharatiya Mahila Sahitya Samagam) इंदौर जिसका संयुक्त आयोजन वामा साहित्य मंच और घमासान डॉट कॉम द्वारा किया जा रहा है। इसमें आज ध्वनियों पर चर्चा हुई जिसमें डॉ रचना निगम ने अपने विचार रखे उन्होंने कहा कि ध्वनियों का कभी भी महत्त्व समाप्त नहीं हो सकता साहित्य और लोक गीतों में ध्वनियों का अपना एक अलग ही महत्व है आंचलिक भाषा के साथ में अंचल और आंचलिकता जुड़ी हुई है।

इंदौर में हुए साहित्य सम्मेलन में महात्मा गांधी ने कहा था कि आप लोग गांव की पृष्ठभूमि को अपनी रचना का आधार बनाएं आंचलिक भाषा का उपयोग हमें बढ़ाना होगा भाषा की ध्वनि उसका स्वाद उसका माधुरी उसका म्यूजिक उसकी विशेषता है।

 

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