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नई दिल्ली। एयर इंडिया और जेट एयरवेज घाटे में चल रही है। एयर इंडिया के पायलटों ने प्रबंधन से चिट्ठी लिखकर पूछा है कि उनके पास विमान के मेंटेनेंस के लिए भी पर्याप्त फंड है कि नहीं है। ये चिट्ठी इसलिए लिखी गई है कि पिछले मई से एयर इंडिया के स्टाफ को वेतन भी समय पर नहीं मिल रहा है। जुलाई का वेतन भी अभी तक नहीं मिला है। घाटे में चलते वेतन में हो रही देरी को देखते हुए अब कर्मचारियों के मन में तरह तरह के सवाल उठ रहे हैं। पायलट स्टाफ को यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर फ्लाइट मेंटेनेंस की चिंता भी सता रही है। इसीलिए उन्होंने ये चिट्ठी लिखी है।

एयर इंडिया के पायलटों की ओर पायलटों की एसोसिएशन ने उक्त चिट्ठी लिखी है। बता दें कि पिछले आठ साल में एयर इंडिया का घाटा बढ़ कर 51 हजार करोड़ रुपए तक जा पहुंचा है। इधर, जेट एयरलाइंस भी घाटे से नहीं उबर पाई है। पिछले दिनों जेट एयरलाइंस मैनेजमेंट की ओर से 25 फीसदी तक स्टाफ की सैलरी कटौती करने का प्रस्ताव रखा गया था, जो स्टाफ ने नकार दिया। वहीं अभी तक जेट ने तिमाही नतीजे घोषित नहीं किए हैं और कहा है कि ऑडिट कमेटी ने अभी नतीजे एप्रूव करने की सिफारिश नहीं की है।
सरकार को नहीं मिले एयर इंडिया के खरीदार
उल्लेखनीय है कि एयर इंडिया में सरकार 76 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहती है, इसके लिए प्रस्ताव भी बुलाए गए थे, लेकिन किसी ने रुचि नहीं दिखाई। बता दें कि एयर इंडिया की इंटरनेशनल फ्लाइट में मार्केट शेयर 30 फीसदी के करीब है।

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