SC के फैसले के बाद बोले बीएस धनोआ, राजनीतिक फायदे के लिए उठाया गया राफेल विवाद

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली तीन जजों की पीठ ने राफेल मामले में सुनवाई करते हुए मोदी सरकार को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने राफेल सौदे से जुड़ी पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया और कहा है कि इस मामले में अलग से जांच की आवश्यकता नहीं हैं। वहीं शीर्ष अदालत के इस फैसले के बाद पूर्व वायुसेना अध्यक्ष बीएस धनोआ ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

धनोआ ने कहा कि ‘मुझे लगता है कि हम उलझे हुए हैं। दिसंबर 2018 में मैंने एक बयान जारी किया था कि सुप्रीम कोर्ट ने एक अच्छा निर्णय दिया है और उस समय कुछ लोगों ने कहा कि मैंने राजनीति से प्रेरित बयान दिया, जो गलत था।‘ उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि यह मामला अब शांत हो जाएगा। मुझे लगता है कि राजनीतिक फायदे के लिए इस तरह के मामलों को उठाना और अपने सशस्त्र बलों के हित को पीछे रखना सही नहीं है।‘

रक्षा मंत्री ने भी दी प्रतिक्रिया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा राफेल मामले पर दिए फैसले को लेकर कहा कि ‘मैं सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले का स्वागत करता हूं और यह हमारी सरकार के रुख का समर्थन करता है। हमारी सरकार के निर्णय लेने की पारदर्शिता को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दे दी है। मुझे लगता है कि रक्षा तैयारियों से संबंधित मामलों का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। दुर्भाग्य से कुछ लोग अपने निजी फायदे के लिए ऐसा करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री की छवि खराब करने की कोशिश की। मैं कहना चाहूंगा कि यह विशेष रूप से कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं द्वारा किया गया था।‘

बता दे कि शीर्ष अदालत ने आज राफेल विमान के सौदे को बरकरार रखते हुए 14 दिसंबर, 2018 के फैसले के खिलाफ दाखिल राफेल समीक्षा याचिकाओं को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच राफेल सौदा मामले पर फैसला सुनाया है। इस पीठ में जस्टिस गोगोई के अलावा जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ भी शामिल थे।

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