बरगी ,बारना ओर तवा डेम से पानी छोड़ने के बाद नर्मदा उफान पर, नर्मदापुरम में 16 अगस्त को सभी प्राइवेट व सरकारी स्कूलों की छुट्टी घोषित,

नर्मदापुरम जिले में हो रही भारी बारिश के चलते 16 अगस्त को जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

नर्मदापुरम जिले में हो रही भारी बारिश के चलते 16 अगस्त को जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। कलेक्टर ने जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में भारी बारिश के चलते एक दिवसीय अवकाश घोषित किया है और इसका आदेश भी जारी कर दिया गया है। इटारसी डीईओ अरुण इंग्ले ने 17 अगस्त यानि मंगलवार को जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किए जाने की जानकारी दी है।

मध्यप्रदेश में मानसून का दौर जारी है. कई दिनों से चल रही लगातार और तेज बरसात के कारण अधिकांश नदी-नाले उफान पर हैं, निचले इलाकों में पानी भर गया है. अधिकांश जगहों पर गांवों को शहरों से सड़क संपर्क भी टूट गया है. नर्मदापुरम जिले में भी जबर्दस्त बरसात हो रही है जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है. इधर इटारसी में भी तेज बरसात से हालात बदतर होते जा रहे हैं. पास ही स्थित तवा बांध लबालब हो चुका है जिसके कारण बांध के अनेक गेट खोल दिए गए हैं. तवा बांध के पानी के कारण नर्मदा उफान पर आ चुकी है. इस बीच इटारसी से बैतूल मार्ग भी बंद हो गया है. सुखतवा के पास नदी में उफान आ जाने से वाहनों का आना-जाना थम चुका है. नेशनल हाईवे बंद हो जाने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई है.

इस बीच प्रदेश के सबसे अहम बांधों में से एक जबलपुर के रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना बरगी से भी पानी निकाला जा रहा है. बांध के जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बरगी बांध के 21 में से 13 गेट खोल दिए गए हैं। इन गेटों के माध्यम से करीब 1 लाख 06 हजार क्यूसेक घन फुट प्रति सेकेंड पानी की निकासी की जा रही है। गेट खुलने के बाद यहां सैलानी भी पहुंचे जिससे सड़क पर जाम की स्थिति भी बनी। बांध के कार्यपालन यंत्री के अनुसार पानी की आवक को देखते हुए जलद्वारों से पानी निकासी की मात्रा कभी भी घटाई या बढ़ाई जा सकती है। इससे निचले क्षेत्र में नर्मदा नदी के घाटों पर जलस्तर 25 फीट तक बढ़ सकता है। यहां का पानी नर्मदापुरम भी पहुंच गया है जिससे जलस्तर तेजी से बढ़ गया है.

बता दें कि नर्मदापुरम जिले में हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है और नर्मदा नदी भी रौद्र रूप लिए हुए है। वहीं सुखतवा के पास सुखतवा नदी भी उफान पर है और सोमवार को बैतूल जिले में हुई जोरदार बरसात के कारण नदी में पानी का जलस्तर और भी ज्यादा बढ़ गया और नदी का पानी सुखतवा पुल से ऊपर पहुंच गया जिसके कारण यातायात ठप्प हो गया है और पुल के दोनों तरफ वाहनों की करीब 5 किमी. लंबी लाइन लग गई। बुरी बात तो यह है कि रास्ता खुलने के अभी कोई आसान भी नजर नहीं आ रहे हैं।

इस बीच प्रदेश के सबसे अहम बांधों में से एक जबलपुर के रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना बरगी से भी पानी निकाला जा रहा है। बांध के जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बरगी बांध के 21 में से 13 गेट खोल दिए गए हैं। इन गेटों के माध्यम से करीब 1 लाख 06 हजार क्यूसेक घन फुट प्रति सेकेंड पानी की निकासी की जा रही है। जिससे नर्मदा नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है और बाढ़ का खतरा बना हुआ है। बताया जा रहा है कि बरगी डेम से पानी छोड़े जाने के बाद निचले क्षेत्र में नर्मदा नदी के घाटों पर जलस्तर 25 फीट तक बढ़ सकता है। यहां का पानी नर्मदापुरम भी पहुंच गया है जिससे जलस्तर तेजी से बढ़ गया है।