पाक-चीन के बाद अब इस देश ने खड़ा किया सीमा विवाद, कालापानी पर ठोंका दावा

0
96

नई दिल्ली। देश में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित राज्य बनाने के बाद केंद्र सरकार ने नया नक्शा जारी किया था। इस नक्शे पर नेपाल ने सवाल उठाते हुए विरोध जताया था। एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए नेपाल ने भारत के नए राजनीतिक मानचित्र पर कालापानी क्षेत्र को लेकर आपत्ति जताई है। बता दें कि राजधानी दिल्ली और काठमांडू के बीच सीमा विवाद को लेकर वार्ता चल रही है। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि नेपाल सरकार को पूरी तरह से स्पष्ट है कि कालापानी नेपाल का अभिन्न हिस्सा है। हम नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा करने को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और इसके लिए हम मित्र देशों के साथ कूटनीतिक वार्ता का रास्ता अपनाएंगे।

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के नेतृत्व में एक सर्वदलीय बैठक हुई, जिसमें कहा गया है कि काला पानी हमारा है और सीमा विवाद को सरकार कूटनीतिक रूप से वार्ता के माध्यम से हल करें। नेपाल का कहना है कि नेपाल-भारत के विदेश मंत्रियों के स्तर की साझा समिति ने दोनों देशों के विदेश सचिव को अनसुलझे सीमा विवाद का समाधान निकालने की जिम्मेदारी दी है। दोनों देशों के बीच सीमाई विवाद द्विपक्षीय बातचीत और सहमति से सुलझाए जाने चाहिए और किसी भी तरह की एकतरफा कार्रवाई नेपाल की सरकार को स्वीकार्य नहीं है।

गौरतलब है कि 31 अक्टूबर को भारत सरकार ने नया मानचित्र जारी किया था। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में कालापानी को शामिल किए जाने को लेकर नेपाल अपनी आपत्ति जताता रहा है। नेपाल कालापानी को अपने मानचित्र में दारचूला जिले के हिस्से के तौर पर दिखाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here