काका में बचाव में भतीजा, आकाश विजयवर्गीय को दे डाली चुनौती

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इंदौर: नगर निगम अधिकारी को बैट से मारने के मामले में हाल ही में जेल से रिहा हुए विधायक आकाश विजयवर्गीय ने मंत्री सज्जन वर्मा पर आरोप लगाए थे। आकाश विजयवर्गीय द्वारा लगाए गए आरोपों पर मंत्री सज्जन वर्मा के भतीजे पार्षद अभय वर्मा ने पलटवार किया है। अभय वर्मा ने कहा कि आकाश में गंभीरता की कमी है, वह समय से पहले विधायक बन गए है।

आकाश विजयवर्गीय द्वारा जर्जर मकान को तोड़ने का विरोध करने पर अभय वर्मा ने कहा कि यदि आपको जनता की लड़ाई लड़ना है तो पहले चार साल में जितने मकान टूटे है, उसे मुद्दा बनाए। जर्जर हालत में निगम द्वारा तोड़े गए मकान की जांच कराएं। नगर निगम में भाजपा के ही अधिकारी है, महापौर भी आपको है।

अभय वर्मा ने आरोप लगाया कि आकाश विजयवर्गीय ने महापौर और उनके पिताजी कैलाश विजयवर्गीय के बीच की लड़ाई को दूसरों के माथे कर दिया क्योकि महापौर ने कैलाश विजयवर्गीय को सांसद का टिकट नहीं लेने दिय। उन्होंने कहा जर्जर मकान को तोड़ने का विरोध करने से पहले आपको महापौर से बात करना थी।

अजय वर्मा ने कहा कि आपने सज्जन वर्मा को जिस जांच के लिए कहा है उसके लिए कांग्रेस पार्टी तैयार है लेकिन आप किसी अधिकारी को इस तरह से बैट से नहीं पीट सके। यदि आपको यही काम करना है तो आप विधायक पद से इस्तीफा दे और गुंडागर्दी करें।

आकाश विजयवर्गीय ने कही ये बात

आकाश ने कहा था कि नगर निगम उस जर्जर मकान को मंगलवार को तोड़ने वाला है जिसके कारण मेरा और नगर निगम अधिकारी का विवाद हुआ था। कई बार निवेदन करने के बाद भी और विधायक होने के नाते भी नगर निगम द्वारा कोई जानकारी आधिकारिक रूप से नहीं मिली है।

आकाश ने कहा, मुझे ये बात जानकार खुशी हुई कि जब मैं जेल में था तो सज्जन वर्मा ने कहा कि वह सीबीआई जांच कराने के लिए तैयार है। मैं उन्हें चैलेंज करता हूं कि यदि उनमे दम है तो वह इस मामले की सीबीआई जांच के लिए केंद्र सरकार से मांग करें। मैंने मुख्यमंत्री कमलनाथ के पास सीबीआई जांच की मांग को लेकर एक आवेदन भेजा है। मेरे पास और भी सबूत है। उन्हें ये भी निवेदन करता हूं कि यदि वह सीबीआई जांच के लिए केंद्र सरकार से मांग करते है और इसमें वह बेगुनाह साबित हो जाते है तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा और जैसा वो बोलेंगे वैसा करुंगा। जब प्रशासन और पुलिस दोनों गरीबों के खिलाफ काम कर रही है तो लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ मीडिया की भी जिम्मेदारी बनती है कि वो इन गरीबों की मदद करें।

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