मंत्री सिलावट की भावना, कलेक्टर के दिमाग का परिणाम है ‘आवाहन’ योजना

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कीर्ति राणा
लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री तुलसी सिलावट द्वारा बुलाई बैठक में शामिल न होना गरीब मरीजों के निशुल्क उपचार की राह आसान कर देगा यह तो किसी ने भी नहीं सोचा था। शहर के निजी अस्पताल संचालकों और वरिष्ठ चितित्सकों की बैठक तुलसी सिलावट ने पिछले दिनों आयोजित की थी।उद्देश्य यही था कि निजी अस्पताल भी गरीब मरीजों के उपचार में ठोस मदद करें।
बैठक की गंभीरता को अधिकांश ने नजरअंदाज कर दिया,  गिनेचुने संचालक ही पहुंचे। इनमें से भी नर्सिंग एसो अध्यक्ष डाॅ विजय हरलालका ने तो अपने स्तर पर हर काम में सहयोग की पेशकश की लेकिन कई संचालक किंतु परंतु में उलझाते रहे। सिलावट ने अपनी भावना से कलेक्टर को अवगत कराया कि कुछ ऐसी पहल करें कि शहर के जितने भी निजी चिकित्सालय हैं वे गरीब मरीजों के उपचार में सहभागिता के लिए तत्पर हो जाएं।
कलेक्टर लोकेश जाटव ने मात्र एक पखवाड़े के दौरान निजी चिकित्आसालयों के संगठनों की बैठक करने के साथ ही उन्हें इस बात पर भी सहमत कर लिया कि ऐसे मरीज जो किसी शासकीय योजना का लाभ नहीं ले पा रहे उन्हें निजी अस्पताल न सिर्फ भर्ती करेंगे बल्कि उनके ऑपरेशन, दवाई-जांच खर्च का भी न्यूनतम शुल्क लेंगे।
प्रायवेट हॉस्पिटल संचालकों की सहमति मिलने पर कलेक्टर ने ‘आव्हान’ योजना का खाका तैयार किया जिसमें सारा काम तकनीकी रूप से ही होना है। मरीज के आवेदन से लेकर उसके लिए संबंधित थाने के निकटस्थ अस्पताल में भर्ती किए जाने, डिस्चार्ज करने पर मरीज और अस्पतालकर्मियों के व्यवहार तक की जानकारी ऑनलाइन ही दर्ज की जाएगी।
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के सभागृह में बुधवार की दोपहर हुए कार्यक्रम में एकाधिक बार पद्मश्री डॉ एसके मुखर्जी का नामोल्लेख करते हुए तुलसी सिलावट ने डॉक्टरों को यह स्मरण भी कराया कि डॉ मुखर्जी के सेवा संकल्प से ना भटकें।इस आव्हान योजना से शहर के 170 निजी अस्पताल जुड़े हैं, हर अस्पताल प्रतिमाह एक मरीज को दाखिल करेगा, यानी हर माह अधिकतम 170 मरीजों का निजी अस्पतालों में निशुल्क ऑपरेशन-उपचार आदि हो सकेगा।जब सिलावट से पूछा कि इस आदर्श योजना को पूरे प्रदेश में कब से लागू करेंगे, उनका कहना था मुख्यमंत्री कमलनाथ को इसकी जानकारी देंगे। सीएम जैसा निर्सेणय लेंगे वह मंजूर होगा।
लंबे समय तक निर्विवाद और पारदर्शी
 रहेगी आव्हान स्कीम-कलेक्टर जाटव
 कलेक्टर जाटव का कहना था इस योजना पर जब काम शुरु किया तो हर अच्छे काम में तत्पर रहने वाले इंदौर के प्रबुद्धजनों ने सुझाव के साथ सहयोग में भी तत्परता दिखाई।लंबे समय तक ‘आव्हान’ निर्विवाद तरीके और पारदर्शी प्रक्रिया से चलती रहे इसलिए तकनीक का सहारा लिया गया है। किसी अधिकारी-जनप्रचिनिधि का प्रक्रिया में हस्तक्षेप हो ही नहीं सकेगा।जिला प्रशासन का कोई निवेश नहीं है, बस हम संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर रहे हैं।
पैथालॉजी जांच और दवाइयों में भी 
छूट मिलेगी मरीजों को-डॉ जड़िया 
सीएमएचओ डॉ प्रवीण जड़िया ने योजना के संबंध में स्पष्ट किया कि दाखिल किए जाने वाले मरीज को बेड, सर्विस, नर्सिंग चार्जेस, ओटी आदि की निशुल्क सुविधा मिलेगी। पैथालॉजी, एक्सरे, सोनोग्राफी आदि जांच में 30% की छूट मिलेगी।दवा बाजार या आरोग्य के साथ ही अस्पताल के मेडिकल शॉप से दाम में रियायत मिलेगी।इन अस्पतालों में आने वाले विजिटिंग डॉक्टर भी फीस में 40% प्रतिशत की रियायत करेंगे।
इस अवसर पर कार्यक्रम में क्षेत्रीय स्वास्थ्य संचालक डॉ. लक्ष्मी बघेल, एमजीएम मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. ज्योति बिंदल, एमलायएच अधीक्षक डॉ पीएस ठाकुर, नर्सिंग एसोशिएशन के  विजय हरलालका, डॉ. सुनंदा जैन, डॉ. रामकृष्ण चौधरी, डॉ. विनिता कोठारी के अलावा बड़ी संख्या में मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट मौजूद थे।
विभागीय मंत्री तुलसी सिलावट और कलेक्टर जाटव ‘आवाहन’ योजना शुभारंभ के मंच पर।

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