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दो साल पहले शादी से भागी थी, अब हासिल किया यह मुकाम

Posted on: 03 May 2019 16:29 by bharat prajapat
दो साल पहले शादी से भागी थी, अब हासिल किया यह मुकाम

भारत में लड़कियों का घर से भागा जाना अच्छा नहीं माना जाता है और इसे बदनामी के तौर पर लिया जाता है। लेकिन कर्नाटक के एक गांव में रहने वाली एक लड़की ने घर से भागकर ना केवल अपने भविष्य के सपनों को नई उडान दी है बल्कि अपने गांव का नाम भी रोशन किया है। आइए आपको बताते हैं एक ऐसी लड़की की कहानी। जिसने घर से भागकर अपने सपनों को पूरा किया और प्राचीन कुरीतियों की बेड़ियो को भी तोड़ा है।

कर्नाटक के चिकबल्लपुर जिले के एक गांव को कोट्टुरू में रहने वाली एक लड़की रेखा ने सामाजिक बुराइयों का जमकर सामना किया। दसवीं में रेखा को 74 फिसदी अंक आए थे। जिसके बाद वह खुशी से घर आई लेकिन देखा कि घरवाले उसकी कामयाबी पर खुषी मनाने के बजाए उसकी शादी की तैयारियां कर रहे है। रेखा उस समय 16 साल की थी और उसके घर वाले उसका बाल विवाह करवाना चाहते थे। पड़ी लिखी होने के कारण रेखाक को कानून ज्ञान था। जिसके चलते उसने शादी का विरोध किया और घर वालों के ना मानने पर घर से भाग गई।

घर से भागने के बाद रेखा ने बेंगलुरु में जाकर एक चाइल्ड हेल्पलाइन पर मदद मांगी और मदद मिलने के बाद उसने अपनी पढ़ाई जारी रखी। पिछले हफ्ते जारी हुए रिजल्ट में रेखा ने 12वीं के रिजल्ट में 90.3 फीसदी अंक मिले हैं और उसने टॉप किया है। रेखा का कहना है कि अब वह लॉ की पढ़ाई करेगी और आईएएस बनेगी।

वहीं गुरुवार को जारी हुए सीबीएसई के रिजल्ट ने भी यह बात साबित कर दी है कि लड़कियां भी अब किसी से कम नहीं है। सीबीएसई के रिजल्ट में जहां टॉप 3 में 23 बच्चों के नाम शामिल है। जिसमें 16 लड़कियां शामिल है। अंशिका शुक्ला और करिश्मा अरोरा ने 500 में से 499 लाकर देश भर में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं इंदौर की सुखलिया में रहने वाली लिखित शर्मा ने भी कॉमर्स मैथ्स में 99 फिसदी अंक प्राप्त किए हैं। बता दें कि पिछले 5 वर्षों से लगातार लड़कियां ही सीबीएसई परीक्षाओं में बाजी मार कर टाॅप कर रही है और पहला स्थान हासिल कर रही है।

उक्त बातें यह साबित करती है कि अगर लड़कियों को भी मौका दिया जाए तो वह ना केवल सामाजिक कुरीतियों को तोड़ती है। बल्कि समाज में अपना नाम भी रोशन कर घर वालों को गौरवान्वित करती है।

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