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एक ऐसा देश जहां तीन महीने तक नहीं ढलता सूरज, ऐसे रात गुजारते हैं लोग

Posted on: 10 Jul 2019 15:35 by Mohit Devkar
एक ऐसा देश जहां तीन महीने तक नहीं ढलता सूरज, ऐसे रात गुजारते हैं लोग

दुनियाभर के हर कोने में कुछ न कुछ अजीबों-गरीब घटनाएं होती रहती है. कुदरत की कुछ ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जिसे देख हर कोई हैरान हो जाता है. आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बनाने जा रहे हैं, जहां सूरज डूबता ही नहीं है. इस गांव में लोग रात को चांद की जगह सूरज को देखते हैं.

दरअसल, यह जगह नॉदर्न नॉर्वे के गांव की है. हाल ही में आर्कटिक रेखा पर बसे एक देश से गुजर रहे इंडियन परिवार ने आधीरात में रोशनी देखी तो ये उनके लिए भी हैरानी की बात थी, उन्होंने वहां की फोटो भी सोशल मीडिया पर शेयर की है. इसके पीछे की वजह जानकार आप भी हैरान हो जाएंगे.

बता दें कि, नॉर्वे में रात में भी सूरज निकलता है, इसीलिए नॉर्वे को कंट्री ऑफ़ मिडनाइट सन भी कहा जाता है. इसके पीछे की वजह की बात करें तों ये देश पृथ्वी के आर्कटिक सर्कल के अंदर आता है. इसलिए यहां मई से जुलाई के बीच करीब 76 दिनों तक सूरज नहीं ढलता है. ये घटना नॉर्वे के उत्तरी छोर के बसे इलाकों में होती है. वहीं नॉर्थ पोल में सूरज छह महीने अस्त ही नहीं होता.

सिर्फ यही एक देश नहीं है, जहां रात के समय भी सूरज नहीं ढलता. ट्रॉनहैम सिटी जो कि आर्कटिक सर्कल के नीचे करीब सौ मील की दूरी पर है, लेकिन गर्मियों के संक्रांति के आसपास कुछ हफ्ते के लिए यहां आधी रात को काफी तेज रौशनी होती है. ये समय 20 मई से 22 जुलाई का होता है. वहीं उत्तरी केप मिडनाइट सन बस कुछ हफ्तों तक दिखाई देता है, ये करीब 14 मई से 29 जुलाई के बीच का समय होता है.

ये है इसकी खास वजह

यह तो सभी जानतें होंगे कि धरती हर 24 घंटे में सूर्य का एक चक्कर पूरा करती है. इसी एक बार घुमने पर दिन और रात का पता चलता है. लेकिन, यहां ये भी समझें कि अगर पृथ्वी अपनी धुरी पर लंबवत हो तो हमें 12 घंटे दिन के और 12 घंटे रात के मिलेंगे. फिर चाहे वो कोई भी ग्रह हो. लेकिन पृथ्वी वास्तव में लगभग 23.5 डिग्री झुकी हुई है, इसलिए गर्मियों में संक्रांति के दौरान उत्तरी ध्रुव पर आर्कटिक सर्कल क्षेत्र में सूर्य अस्त नहीं होता है. यहां पूरे छह माह दिन जैसा माहौल ही रहता है.

स्थानीय लोगों पर इसका असर

स्थानीय लोगों को यहां सर्दियों का ज्यादा पता नहीं चल पता. ठंड के दौरान लोगों में सीजनल डिप्रेशन आ जाता है. जिसके चलते नॉर्वे में लाइट थेरेपी क्लीनिक और पॉजिटिव थिंकिंग के जरिये लोगों को सैड से बाहर आने में मदद की जाती है. वहीं अगर हम उस देश की बात करे जहां सूरज उगता ही नहीं है. वहां लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. उन्हें डिप्रेशन गर्मी में भी हो जाता है जिसके लक्षण अनिद्रा, भूख न लगना, वेट लॉस और चिड़चिड़ापन हो जाता है.

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