अंबेडकर जयंती पर जाने उनके जीवन की 5 अनसुनी कहानियां…

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नई दिल्ली: 14 अप्रैल को पूरा देश अंबेडकर जयंती के रूप में मनाता है। आज उनकी 127वीं जयंती है। डॉ भीमराव अंबेडकर वह नाम है, जिन्होंने सिर्फ दलितों ही नहीं बल्कि समाज के सभी शोषित-वंचित वर्गों के अधिकारों की बात की। Image result for भीमराव आंबेडकर

आज उनकी जयंती के मौके पर जहां एक तरफ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अंबेडकर की जन्मस्थली महू पहुंच रहे है, वही दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ के बीजापुर पहुंच रहे है मोदी बीजापुर के जांगला में आमसभा करेंगे।

तो आइये आज इस मौके पर हम आपको उनके जीवन से जुड़ी 5 अनसुनी कहानियां बताने जा रहे है-

बचना में ही झेला भेदभाव-
डॉ भीमराव अम्बेडकर का जन्म महार जाति में हुआ था, जो उस समय अस्पृश्य मानी जाती थी। इस कारण उन्हें हर कदम पर भेदभाव का समाना करना पड़ा।दरअसल, जब वह पढ़ाई करने के लिए स्कूल जाते थे तो उन्हें अलग रखे घड़े से पानी पीना पड़ता था। Image result for भीमराव आंबेडकरजब बैलगाड़ी से धक्का देकर उतारा गया-
एक बार जब वह बैलगाड़ी में बैठे तो उन्हें धक्का मारकर उतार दिया गया वह संस्कृत पढ़ना चाहते थे, पर कोई पढ़ाने को तैयार नहीं हुआ। इतने भेदभाव सहकर भी उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की। Image result for भीमराव आंबेडकरभेदभाव के कारण छोड़ दी थी नौकरी-
एक बार जब वह महाराजा बड़ोदरा के सैनिक सचिव के नाते काम करते थे, तो चपरासी उन्हें फाइलें फेंक कर देता था। चपरासी के इस बर्ताव को देखते हुए डॉ भीमराव अंबेडकर ने नौकरी छोड़ दी थी। 1923 में वह विधानसभा के लिए भी निर्वाचित हुए; पर छुआछूत की बीमारी ने यहां भी उनका पीछा नहीं छोड़ा। Image result for भीमराव आंबेडकरबनाई ‘बहिष्कृत हितकारिणी सभा’-
डॉ  भीमराव ने निर्धन और निर्बलों के उत्थान  के लिए भी संघर्ष किया। उन्होने इसके लिए 1924 में ‘बहिष्कृत हितकारिणी सभा’ बनाई। इसके बाद 1926 में महाड़ के चावदार तालाब से यह संघर्ष प्रारम्भ हुआ। चावदार तालाब से में पशु भी पानी पी सकते थे, लेकिन अछूत वर्गाें को मनाही थी। हालाकि उन्हें इस संघर्ष में सफलता मिली। Related imageमंदिर में प्रवेश को लेकर किया संघर्ष-
निर्धनों और निर्बलो के उत्थान के बाद उन्होंने मन्दिर में प्रवेश को लेकर भी सत्याग्रह एवं संघर्ष किया। यह सत्याग्रह उन्होंने 1930 में नासिक के कालाराम मन्दिर में प्रवेश को लेकर किया। उन्होंने पूछा कि यदि भगवान सबके हैं, तो उनके मन्दिर में कुछ लोगों को प्रवेश क्यों नहीं दिया जाता ? अछूत वर्गों के अधिकारों के लिए उन्होंने कई बार कांग्रेस तथा ब्रिटिश शासन से संघर्ष किया। Image result for भीमराव आंबेडकर

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