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भोपाल : मंत्रि-परिषद् की बैठक आज 3 अक्टूबर 2017 को मंत्रालय में मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रालय में सम्पन्न हुई। प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:-

• मध्यप्रदेश में 6 से 25 अक्टूबर तक मध्यप्रदेश में पर्यटन पर्व के रूप में मनाया जाएगा। मध्यप्रदेश के पर्यटन को और अधिक प्रचारित कर पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस अवधि में मंत्रिगण अपने निर्वाचन क्षेत्र के जिलों और प्रभार जिलों में किसी प्रमुख पर्यटक स्थल का दौरा कर बैठक आयोजित करेंगे। इसके साथ ही 25 अक्टूबर को ओंकारेश्वर के पास सैलानी में मंत्रिपरिषद् की बैठक आयोजित की जाएगी। हनुवंतिया की तरह यह स्थान भी एक पर्यटन स्थल के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। आप सभी जानते ही हैं कि मध्यप्रदेश को तक पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। इस वर्ष और गत कुछ वर्ष में राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश सरकार और पर्यटन निगम को अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कार भी मिले हैं। हाल ही में मध्यप्रदेश पर्यटन को रार्ष्टीय स्तर के पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। वर्ष 2015-16 के लिए मध्यप्रदेश को हॉल ऑफ फेम अवार्ड-मध्यप्रदेश, रोमांचकारी पर्यटन के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य, पर्यटन गंतव्य का सर्वश्रेष्ठ नागरिक प्रबंधन खरगोन, सर्वश्रेष्ठ वन्यजीव गाइड, सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान के श्री सईद खान को, प्रकाशन में उत्कृष्ट कार्य हिन्दी श्रेणी में सिंहस्थ 2016 कृति को, सर्वश्रेष्ठ फिल्म संर्वधन हितैषी राज्य, नवीनतम और विशिष्ट पर्यटन उत्पाद-हनुवंतिया और जल महोत्सव, उत्कृष्ट अंग्रेजी प्रकाशन -काफी टेबल बुक, सर्वश्रेष्ठ पर्यटन हितैषी रेलवे स्टेशन-उज्जैन और सर्वश्रेष्ठ विरासत शहर चंदेरी को प्राप्त हुआ हैं।  मध्यप्रदेश के पर्यटन के केन्द्रों पर नई सुविधाएं निरंतर विकसित की जा रही हैं। यह सिलसिला लगातार चल रहा है। यही वजह है कि समुद्र तट और बर्फीले पहाड़ छोड़कर ऐसा कोई पर्यटन आकर्षण शेष नहीं है जो मध्यप्रदेश में न हो। पर्यटन केन्द्रों पर बुनियादी सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। वर्तमान में प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों के विकास के लिए 11 योजनाएं अमल में लाई जा रही हैं। इन योजनाओं को एक अम्ब्रेला स्कीम के अंतर्गत मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की ओर से ओर बेहतर तरीके से क्रियान्वित करने का निर्णय लिया गया है। इस संदंर्भ में आज  मंत्रि-परिषद् ने पर्यटन विभाग के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों को अम्ब्रेला स्कीम में शामिल करते हुए नया कार्यक्रम “‘पर्यटन विभाग की संस्थाओं की अंशपूंजी में धनवेष्ठन” आगामी तीन वर्ष के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम की अंशपूंजी में शामिल करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की अंशपूंजी में धनवेष्ठन मद/योजना को वित्त वर्ष 2017-18 के लिए लागू करने की सहमति दी गई।
• पर्यटन विभाग के ही अंतर्गत मंत्रि-परिषद् द्वारा आज “पर्यटन अधोसंरचना का विकास कार्यक्रम” अगले तीन वित्त वर्ष के लिए संचालित करने की मंजूरी दी गई।
• प्रदेश में समाज के प्रतिष्ठित गुरूजन अर्थात शिक्षक समुदाय के सम्मान और कल्याण के लिए निरंतर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। पिछले सप्ताह हुई कैबिनेट में यहाँ स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित करीब 18 हजार शिक्षकों को लाभान्वित करने वाले नियमित वेतनमान की मंजूरी का निर्णय लिया गया था, वहीं आज उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं देकर सेवा निवृत्त हुए करीब 1200 अधिकारियों, कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद् ने आज मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 के प्रावधान के अंतर्गत विश्वविद्यालयीन पेंशनर्स को छठवें वेतनमान में पेंशन देने के लिये स्वीकृति प्रदान की। प्रदेश के जबलपुर, इन्दौर, उज्जैन, भोपाल, रीवा और ग्वालियर विश्वविद्यालय के पेंशनर्स को इसका लाभ मिलेगा। जनवरी 2009 से चूंकि सागर विश्वविद्यालय केन्द्रीय विश्वविद्यालय में परिवर्तित हो गया है। अतः 6 विश्वविद्यालय को योजना में शामिल किया गया है।
• मंत्रि-परिषद् ने आज राजस्व विभाग के अंतर्गत मेसर्स छिंदवाड़ा प्लस डेवलवपर्स लिमिटेड को 28.484 हेक्टेयर भूमि वन विभाग को अंतरित किये जाने की छूट प्रदान करने का निर्णय लिया। मंत्रि-परिषद ने विशेष आर्थिक क्षेत्र परियोजना स्थापना के लिए वर्ष 2010-11 की कलेक्टर गाइड लाइन के आधार पर 54.354 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया। इसके लिये प्रीमियम राशि और वार्षिक भूभाटक का निर्धारण भी किया गया।
• मंत्रि-परिषद ने वाणिज्य, उद्योग और रोजगार विभाग के अंतर्गत विभाग की अधोसंरचना संबंधी योजनाओं को वर्ष 2017-18 से अगले तीन वित्तीय वर्ष तक निरंतर क्रियान्वित करने के लिये स्वीकृति प्रदान की। इस पर कुल 21 अरब 95 करोड़ 40 लाख रूपये व्यय अनुमानित है।
• सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग के अंतर्गत प्रदेश के पावरलूम बुनकरों को रियायती दरों पर विद्युत प्रदाय योजना के क्रियान्वयन के लिये वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के लिये स्वीकृति प्रदान की। इस पर लगभग 90 करोड़ रूपये व्यय होंगे।
• मंत्रि-परिषद् ने आज ऊर्जा विभाग के अंतर्गत एम.पी. मैनेजमेंट कंपनी की संगठनात्मक संरचना का अनुमोदन किया। इसके अनुसार मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मंडल कंपनी में आमेलित कार्मिकों पदोन्नति के लिए पूर्व में स्वीकृत संगठनात्मक संरचना के पद नवीन संरचना के पद से प्रतिस्थापित नहीं किए जाने का निर्णय लिया गया। प्रस्तावित संरचना के अनुसार स्वीकृत कार्मिकों की संख्या में कमी आएगी, जिससे सालाना तीन करोड़ रूपये की बचत होगी। पूर्व के 711 स्वीकृत पद के  मुकाबले नई संरचना में 558 पद स्वीकृत होंगे। प्रदेश में बिजली क्रय का प्रबंधन बेहतर बनाने के लगातार प्रयास किए गए हैं इसके लिए विद्युत वितरण कंपनियों के खर्चे में कमी लाने के लिए पावर मैनेजमेंट कंपनी के वाणिज्य संकाय को अधिक मजबूत बनाने की पहल की गई है।
• मंत्रि-परिषद् ने प्रदेश के नगरीय

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