आज हड़ताल पर देश भर के 3 लाख डॉक्टर

सरकार के बिल का विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने बुधवार को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है।

0
116

नई दिल्ली/मुंबई। सरकार के बिल का विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने बुधवार को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। इसके तहत देश भर के 3 लाख से अधिक डॉक्टर अस्पतालों की ओपीडी में सेवाएं नहीं देंगे। एसोसिएशन का यह विरोध नेशनल मेडिकल काउंसिल बिल 2019 को लेकर है। डॉक्टरों का कहना है कि यह बिल मेडिकल क्षेत्र के लिए उचित नहीं है और इससे कई तरह की चुनौतियां सामने आएंगी। उन्होंने कहा कि यह हड़ताल सरकार को बिल की खामियों के बारे में बताने के लिए है। आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष शांतनु सेन ने कहा कि इससे सिर्फ नीम-हकीमी को वैधता मिलेगी और लोगों की जानें खतरे में पड़ जाएंगी, इसीलिए हम बिल का विरोध करते हैं यह बिल मेडिकल काउंसिल की जगह लेगा और इसमें कई बदलाव किए गए हैं।

ओपीडी सेवा बंद
देशव्यापी हड़ताल को देखते हुए महाराष्ट्र के 44 हजार डॉक्टर भी हड़ताल पर रहेंगे। ऐसे में हड़ताल के कारण राज्य में मरीजों को मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि आईएमए ने कहा कि हड़ताल के दौरान केवल गैर जरूरी मेडिकल सेवाओं को अटेंड नहीं किया जाएगा, जबकि हर तरह की इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी। आईएमए से मिली जानकारी के अनुसार, विरोध के मद्देनजर बुधवार सुबह 6 बजे से गुरुवार सुबह 6 बजे तक सदस्य डॉक्टर ओपीडी में सेवाएं नहीं देंगे।

क्या है बिल
भारत में अब तक मेडिकल शिक्षा, मेडिकल संस्थानों और डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन से संबंधित काम मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की जिम्मेदारी थी। बिल के पास होने के बाद, अब एमबीबीएस पास करने के बाद प्रैक्टिस के लिए एग्जिट टेस्ट देना होगा। अभी एग्जिट टेस्ट सिर्फ विदेश से मेडिकल पढ़ क र आने वाले छात्र देते हैं, वहीं एनएमसी बिल के सेक्शन 32 में 3.5 लाख नॉन मेडिकल शख्स को लाइसेंस देकर सभी प्रकार की दवाइयां लिखने और इलाज करने का कानूनी अधिकार दिया जा रहा है, जिसका डॉक्टर विरोध कर रहे हैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here