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हिमाचल प्रदेश की एक झील जिसमें दबी हैं अरबों की दौलत!

Posted on: 01 Sep 2017 09:58 by Ghamasan India
हिमाचल प्रदेश की एक झील जिसमें दबी हैं अरबों की दौलत!

हिमाचल प्रदेश। अपनी खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध हैं वही हिमाचल प्रदेश में कमरुनाग नामक एक झील हैं। जहां पर हर साल 14 और 15 जून को मेला लगता हैं। जिसमें पूरे देश से दर्शनार्थी आते हैं। मान्यता है कि यहां आने वाले हर भक्त की मनोकामना पूरी होती हैं। यहां पर पहुंचना आसान नहीं हैं। हिमाचल प्रदेश के मण्डी से करीब 60 किलोमीटर दूर रोहांडा क्षेत्र आता हैं। जहां से करीब 8 किलोमीटर पैदल चलने पर यह जगह आती हैं।

मुराद पूरी होनी पर भक्त यहां पर स्थित झील में अपने सामथ्र्य के हिसाब से सोने-चांदी और पैसे डालते हैं। यह परम्परा बरसों से चली आ रही हैं। माना जाता है कि इस झील में अरबों का खजाना हैं। कमरुनाग जी का उल्लेख महाभारत में भी मिलता हैं। महाभारत में इन्हें बबरुभान के नाम से जानते थे। उस समय धरती पर यह एकमात्र ऐसे देवता थे जो अपने तीरों से महाभारत के युद्ध की स्थित बदल सकते थे।

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लेकिन भगवान कृष्ण ने अपनी माया से उनको हरा दिया और उनसे अपना सर मांगा। कमरुनाग उर्फ बबरुभान ने भगवान कृष्ण से महाभारत का युद्ध देखने की इच्छा जताई तो कृष्ण ने उनका सिर हिमाचल के ऊंचे शिखर पर रख दिया। लेकिन कटे सिर के घूमने की दिशा में युद्ध का परिणाम भी घूमने लगा। जब इस बात पता भगवान कृष्ण को चला तो उन्होंने कमरुनाग का सिर एक पत्थर से पांडवों की दिशा में बांध दिया। उस समय भीम ने अपनी हथेली से एक झील का निर्माण किया जिससे की वह पानी पी सकें। मान्यता है कि यह झील वहीं हैं। यहां पर सोना-चांदी चढ़ाने से मन्नते पूरी होती हैं। इस झील से कभी किसी ने चोरी करने की कोशिश नहीं की। उनका मानना है कि यह पैसा देवताओं का हैं। साथ ही खामोश प्रहरी इस खजाने की रक्षा करते हैं।

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