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हाइकोर्ट के आदेश के बावजूद सरदार सरोवर पुनर्वास के कार्य में रोड़ा

Posted on: 16 Sep 2017 10:32 by Ghamasan India
हाइकोर्ट के आदेश के बावजूद सरदार सरोवर पुनर्वास के कार्य में रोड़ा

भोपाल: सरदार सरोवर के विस्थापितों के पुनर्वास संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश 8/2/17 के अनुसार पुनर्वास स्थल के सभी कार्यों को सुविधाएं अगर तैयार नहीं है तो, विस्थापितों में GRA के समक्ष शिकायत दर्ज करनी थी। कम से कम 50 पुनर्वास स्थलों संबंधी सैकड़ों विस्थापितों ने GRA के पास शिकायत दर्ज करने के बावजुद GRA ने नहीं विस्थापितों की सुनवाई की , न ही नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण को स्थलों पर कार्य संबंधी कोई आदेश दिया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की इसलिए अवमानना होते हुए पुनर्वास स्थल पर सही कार्य नहीं हो पाया। इस स्थिति में सुप्रीम कोर्ट ने विस्थापितों को सुयोग्य न्यायालय में जाने की इजाज़त दी थी। इसलिए मध्य प्रदेश हाइकोर्ट में इस मूद्दे पर याचिका दायर की गई।

इस याचिका में दिए गए अंतरिम आदेश पर अपील याचिका दाखिल करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाइकोर्ट ही पहली सुनवाई करे। फिर जरूरी हो तो सुप्रीम कोर्ट में आये स्पष्ट आदेश दिया।

हाइकोर्ट ने 20 सितम्बर के रोज़ सुनवाई के बाद आदेशित किया कि GRA आने वाले दो महीनों (60 दिन) में विस्थापितों के पुनर्वास स्थलों सम्बन्धी सभी शिकायतों पर अपने आदेश जारी करे, आंदोलन का यह आग्रह पारित करा। इसका अर्थ यह है कि आज जिस कारण विस्थापित हैरान हैं, वह पुनर्वास स्थलों पर होने वाला निर्माण कार्य पूरा होने में अक्षम्य देरी हो रही है।

लेकिन विशेष बात यह है कि नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण ने इस आदेश का अमल करने में एक अलग प्रकार का रोड़ा डाल दिया। यह कार्य पूरी सहभागिता के साथ हो संगठित विस्थापितों को भी शामिल किया जाए तथा पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। यह देखने के बदले नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण ने GRA को यह बताया है कि वे विस्थापन के कार्य में लगे हुए होने के कारण अक्टूबर अंत तक GRA की कार्यवाही में सम्मिलित नहीं हो सकेंगे। GRA ने उनकी बात न मानते हुए जांच कार्य तत्काल आगे बढ़ाना चाहिए, यह हाईकोर्ट की मांग है।

अर्थात आज पुनर्वास स्थलों की जो स्थिति है इसमें कानूनी अवैधता होने के कारण सुविधाओं में कुछ सुधार कर पाए और जांच के भी पहले ही गांव में डूब आकर अधिकार भी डूब जाए और आरोप भी, यही कारण दिखाई दे रहा है। NVDA के इस नियोजन में एक और जबकि कल 17 सितम्बर को मोदी जी बांध स्थल पर सरदार सरोवर पूरा हो गया यह ज़ाहिर करके उसका फर्जी लोकार्पण करने जा रहे हैं और उसी के लिए धार, बड़वानी, अलीराजपुर जिले के गांव-गांव में, खेत-खेत में,  मंदिर-मस्जिद में, पानी भरना जारी है।

तभी दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट और हाइकोर्ट के पालन के बिना पुनर्वास बाकी रखा जाना अन्याय ही नहीं साजिश दिख रही है। नर्मदा बचाओ आंदोलन का मानना है कि GRA को तत्काल अपना कार्य करना चाहिए और NVDA पर अंकुश लगा कर नर्मदा घाटी के लोगों को डूबने से बचाना चाहिए।

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