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श्राद्ध पक्ष में करें ये प्रयोग, नहीं होगा गृह क्लेश

Posted on: 08 Sep 2017 07:37 by Ghamasan India
श्राद्ध पक्ष में करें ये प्रयोग, नहीं होगा गृह क्लेश

आए दिन आप के घर में किसी न किसी बात को लेकर लड़ाई-झगड़ा हो जाता है, सदैव अशांति का माहौल बना रहता है तो आपको इस श्राद्ध पक्ष में अवश्य ही इस प्रयोग को सम्पन्न करना चाहिए। आइए जानते है उपाए

सामग्री : जलपात्र, घी का दीपक, लघु नारियल, अगरबत्ती तथा दूध की बनी मिठाई का भोग आपकी इच्छा के अनुसार। माला-मूंगे की माला, समय-सायंकाल, आसन-ऊनी आसन, श्वेत रंग का हो तो श्रेष्ठ है। दिशा-पश्चिम दिशा, जप संख्या-नित्य ग्यारह सौ मंत्र जप (11 माला) अवधि-ग्यारह दिन।

प्रयोग विधि: सायंकाल के समय स्नान कर धोती या स्वच्छ वस्त्र पहन कर सामने मिट्टी के एक पात्र में रेत डालकर उसमें गेहूं या किसी भी प्रकार का धान बीज दें तथा नित्य इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते रहें, जिससे धान उग जाए।

सामने सफेद वस्त्र बिछाकर उस पर चने की दाल की ढेरी बनाकर उस पर लघु नारियल स्थापित कर दें। यह लघु नारियल लगभग एक-दो इंच के आसपास होता है। बाजार में जो नारियल मिलते हैं वे नारियल प्रयोग में नहीं लें। इसके बाद दीपक व अगरबत्ती जलाकर निम्र मंत्र का 108 बार जाप करें:

ऊँ श्रीं सर्व पितृ दोष निवारणाय क्लेश हन हन सुख-शांति देहि देहि फट् स्वाहा।

नित्य दूध का बना प्रसाद भोग लगाएं और नित्य मंत्र जप के बाद पश्चिम दिशा की तरफ वह भोग फैंक दें। इस प्रकार ग्यारह दिन तक प्रयोग करें और जिस पात्र में धान बोया था, उस पात्र में थोड़ा-थोड़ा पानी डालते रहें। इस प्रकार जब प्रयोग समाप्त हो जाए तब बारहवें दिन उस मिट्टी के पात्र को किसी नदी या तालाब या पवित्र जल स्थान में विसर्जित कर दें। लघु नारियल अपने घर के पूजा स्थान में रख दें। इस प्रकार प्रयोग करने से घर में सुख-शांति स्थापित हो जाती है। गृहक्लेश, तनाव, व्यापारिक अड़चनें, जीवन में आ रही नित-नई समस्याएं इस प्रयोग को सम्पन्न करने से स्वत: ही समाप्त हो जाती है, क्योंकि एक तो पितृदोष व गृहक्लेश से मुक्ति मिलती है और साथ ही पितृपक्ष भी प्रसन्न होकर शुभाशीर्वाद और अन्य लाभ देते हैं।

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