विश्व दृष्टि दिवस: ज्ञान की ज्योति से रोशन हो रही दृष्टिबाधित छात्राओं की जिंदगी

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पटना। दृष्टिबाधित होने के कारण कई लोग सभी उम्मीदे छोड़ देते और हर काम के लिए दूसरों पर निर्भर हो जाते है। लेकिन पटना के अंतरज्योति विद्यालय ने दृष्टिबाधित छात्राओं को दूसरों पर निर्भर नहीं होने दिया और उनके जीवन में ज्ञान की रौशनी भर खुदके पैरो पर खड़ा कर दिया है। इस विद्यालय में दृष्टिबाधित छात्राओं को निशुल्क शिक्षा के साथ आवास और भोजन की सुविधा भी दी जाती है।

प्राचार्या नंदा सहाय ने बताया कि पिछले एक दशक में बीस से अधिक छात्राएं सरकारी और 100 से अधिक छात्राएं निजी संस्थानों में नौकरी प्राप्त कर चुकी हैं। इस स्कूल की ये बालिकाएं पढ़ाई में ही नहीं सांस्कृतिक गतिविधियों में भी आगे हैं। स्कूल का संचालन बिहार नेत्रहीन परिषद द्वारा किया जाता है। इसी साल विद्यालय को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से मान्यता मिली है।

पटना विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. रत्ना शर्मा ने 1993 को पांच नेत्रहीन छात्राओं के साथ स्कूल की बुनियाद रखी थी। 10वीं उत्तीर्ण करने के बाद विद्यालय प्रबंधन छात्राओं को आगे की शिक्षा दिलाने की व्यवस्था भी स्वयं करता है। स्कूल छात्रावास में छात्राओं के लिए अलग-अलग कमरे, संगीत कक्ष, कंप्यूटर लैब, व्यावसायिक प्रशिक्षण कक्ष, पुस्तकालय, खेलकूद का मैदान, मंदिर, वाटिका आदि की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

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