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विदेश में दिखा देसी संस्कृति का जलवा

Posted on: 30 Sep 2017 07:24 by Ghamasan India
विदेश में दिखा देसी संस्कृति का जलवा

नई दिल्ली। हमे लगता है कि हिन्दू संस्कृति सिर्फ भारत में ही है लेकिन ऐसा नहीं है। हिन्दू धर्म और हिंदी संस्कृति विदेशो में भी देखने को मिलती है। थाईलैंड में भी कुछ ऐसा ही है। वहा घूमते समय आपको लगेगा की आप अपने ही देश में, अपनी ही हिन्दू संस्कृति के बीच है। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के हवाई अड्डे का नाम स्वर्णभूमि एयरपोर्ट है।

वहा से शहर की तरफ बढ़ते ही आपको राम स्ट्रीट और अशोक स्ट्रीट जैसे साइनबोर्ड दिखाई देने लगते हैं। थाईलैंड के राज परिवार हिन्दू धर्मा का गहरा प्रभाव है माना जाता है कि थाईलैंड के राजा भगवान विष्णु के अवतार हैं। यहाँ राज परिवार अयोध्या नामक शहर में रहता है और राजा को राम कहा जाता है।

अयोध्या बैंकॉक से कोई 50-60 किलोमीटर दूर होगा। यहां पर बौद्ध मंदिरों की भी भरमार है। जिनमें भगवान बुद्ध की विभिन्न मुद्राओं में मूर्तियां स्थापित हैं। राजा को भगवान राम का वंशज माना जाता है। गरुड़ को भगवान् विष्णु की सवारी माना जाता है इसीलिए थाईलैंड का राष्ट्रीय चिन्ह गरुड़ है।

गरुड़ के लिए कहा जाता है कि वह आधा पक्षी और आधा पुरुष है। उसका शरीर इंसान की तरह का है, पर चेहरा पक्षी से मिलता है। उसके पंख हैं। एक सामान्य थाई गर्व से कहता है कि उसके पूर्वज हिंदू थे और उसके लिए हिंदू धर्म भी आदरणीय है। आपको थाईलैंड एक के बाद एक आश्चर्य देता है। वहां का राष्ट्रीय ग्रंथ रामायण है।

बैंकॉक के सबसे बड़े और भव्य हॉल का नाम ‘रामायण हॉल’ है। यह दिल्ली के विज्ञान भवन से दोगुना बड़ा होगा। नवरात्र पर बैंकॉक के सिलोम रोड पर स्थित श्री नारायण मंदिर थाईलैंड के हिंदुओं का केंद्र बन जाता है। यहां के सभी हिंदू इधर कम से एक बार जरूर आते हैं। बैंकॉक स्थित शिव मंदिर, दुर्गा मंदिर विष्णु मंदिर वगैरह का निर्माण हिन्दुओं के साथ-साथ यहां के बौद्धों ने भी करवाया है।

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