रेप पीड़िता की चुप्पी यौन संबंध बनाने का सबूत नहीं: HC

0
7

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने एक प्रेग्नेंट महिला से रेप के दोषी की सजा बरकरार रखते हुए कहा कि पीड़िता की चुप्पी को यौन संबंध बनाने के लिए सहमति देने के सबूत के तौर पर नहीं माना जा सकता। आरोपी को ट्रायल कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई थी। न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल ने बलात्कार के दोषी व्यक्ति के बचाव पक्ष की इस दलील को खारिज कर दिया कि घटना के बारे में पीड़िता की चुप्पी यौन संबंध बनाने के लिए उसकी सहमति का सबूत है।

हालांकि, जस्टिस संगीता धींगरा सहगल ने कहा, “आरोपी की अपने बचाव दी गई इस दलील का कोई आधार नहीं है कि विक्टिम ने उसके साथ सेक्शुअल रिलेशन बनाने की सहमति दी थी और घटना के बारे में उसकी चुप्पी से यह साबित होता है। पीड़िता ने भी यह कहा कि आरोपी ने उसे धमकी दी थी। अदालत ने कहा कि इसलिए सहमति के बिना यौन संबंध बनाना बलात्कार माना जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here