यहां 30 वर्षों से अादिवासी कर रहे हैं इंदिरा गांधी की पूजा

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नई दिल्ली: आज इंदिरा गाँधी की पुण्यतिथि है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर आज हम आपको एक ऐसे गाँव के बारे में बताने जा रहे है। जहा आज भी इंदिरा गांधी की पूजा की जाती है आज भी ‘देवी मां इंदिरा’ नाम के जयकारे लगाए जाते हैं।

सतपुड़ा के पहाड़ों में बसे गांव पाडल्या में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व इंदिरा गांधी का मंदिर बना हुआ है। 1984 में इंदिरा गांधी के निधन के बाद यहां मंदिर निर्माण की रूपरेखा बनी। वर्ष 1986-87 में इस मंदिर का लोकार्पण तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुनसिंह ने किया था। यह गांव जिला मुख्यालय से कोई 85 किमी दूर है।

ऐसे समय सिंह का लोकार्पण करने को लेकर भी सवाल उठे। कई लोगों ने उन्हें सुझाव दिया कि इस कार्यक्रम से बचना चाहिए। सिंह ने ऐसी आलोचनाओं और खबरों को दरकिनार किया। बिना परवाह किए कहा कि आदिवासियों की आस्था और जिद मेरे लिए आदेश है। डाबर के अनुसार वे लोकार्पण कार्यक्रम पहुंचे और 30 हजार से ज्यादा ग्रामीण इस आयोजन मेंमौजूद थे।

यह मंदिर किसी राजनेता विशेष की चाटुकारिता नहीं बल्कि आदिवासी समूह के बीच स्व. इंदिरा गांधी की लोकप्रियता का जीता-जागता उदाहरण है। आदिवासी समूह के बीच उनकी पहुंच जगजाहिर रही है। प्रतिवर्ष यहां विशेष दिवस पर आयोजन होते हैं।

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