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यहां होती है बिना सिर वाली देवी की पूजा, मन्नत के लिए बांधे जाते है पत्थर

Posted on: 21 Sep 2017 05:23 by Ghamasan India
यहां होती है बिना सिर वाली देवी की पूजा, मन्नत के लिए बांधे जाते है पत्थर

झारखंड। झारखंड के रजरप्पा स्थित छिन्नमस्तिका मंदिर ऐसा मन्दिर है जहा बिना सिर वाली देवी की पूजा की जाती है। यह मन्दिर माँ कालका का है। लेकिन इस प्रतिमा में माँ के दाएं हाथ में तलवार और बाएं हाथ में अपना ही कटा हुआ सिर है। यहाँ मन्नत मांगने के लिए लोग लाल धागे में पत्थर बांधकर पेड़ या त्रिशूल में लटकाते हैं।

Image result for बिना सिर वाली देवी की पूजा, मन्नत के लिए बांधे जाते है पत्थरकहा जाता है कि माँ एक बार अपनी सहेलियों के साथ नदी में स्नान करने गई थी। स्नान करने के बाद उनकी सहेलियों को भूक लगी और वे भूक से तड़पने लगी। तभी माँ ने खड़ग से अपना सर काट दिया। कटा हुआ सिर उनके बाएं हाथ में आ गिरा और खून की तीन धाराएं बह निकलीं।

सिर से निकली दो धाराओं को उन्होंने अपनी सहेलियों की ओर बहा दिया। बाकी को खुद पीने लगीं। तभी से मां के इस रूप को छिन्नमस्तिका नाम से पूजा जाने लगा। यहाँ हर साल नवरात्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालू आते है 13 हवन कुंडों में विशेष अनुष्ठान कर सिद्धि की प्राप्ति करते हैं।

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