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नवरात्रि के चौथे कुष्मांडा की करे आरधना

Posted on: 24 Sep 2017 07:23 by Ghamasan India
नवरात्रि के चौथे कुष्मांडा की करे आरधना

नई-दिल्ली । नवरात्रि में चौथे दिन देवी कि  कुष्मांडा के रूप में पूजा जाता है। अपनी मंद, हल्की हंसी के द्वारा अण्ड यानी ब्रह्मांड को उत्पन्न करने के कारण इस देवी को कुष्मांडा नाम से पुकार जाता है।

देवी पुराण में बताया गया है कि सृष्टि के आरंभ से पहले अंधकार का साम्राज्य था। उस समय आदि शक्ति जगदम्बा देवी कूष्मांडा के रुप में वनस्पतियों एवं सृष्टि की रचना के लिए जरूरी चीजों को संभालकर सूर्य मण्डल के बीच में विराजमान हो गई थी।

नवरात्रि के चौथे दिन बड़े माथे वाली विवाहित महिला का पूजन करना चाहिए। माता को फल, मेवे और सौभाग्य का सामान भेंट करना चाहिए। मां कूष्मांडा की कृपा पाने के लिए नवरात्रि के चौथे दिन इस मंत्र का जाप करना चाहिए।

                   या देवी सर्वभूतेषु मां कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमौ नम: ।।

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