दंगल देखकर बेटियों के लिए खुल गया अखाड़ा

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वाराणसी : भारत में वर्षों से अखाड़ो को पहलवानी के प्रशिक्षण लेने की जगह माना जाता है.अखाड़ों में प्रवेश देने में सिर्फ पुरुषों को ही मान्यता दी जाती है.लेकिन अब ये परम्परा टूट रही हैं. महिलाएं इस क्षेत्र में भी पुरुषों को चुनौती देती नजर आ रही हैं और वर्षों से इस क्षेत्र में पुरुषों के ही वर्चस्व को मानने वाले की सोच में भी बदलाव आने लगा है ,ऐसा ही एक बदलाव वाराणसी के प्रमुख अखाड़े की सोच में आया .इस अखाड़े ने अपनी 478 साल की परंपरा को तोड़ते हुए महिलाओं को भी प्रशिक्षण देने के लिए दरवाजे खोल दिए हैं.

इस कदम को महिलाओं के लिए पहलवानी की दुनिया में प्रवेश का नया मार्ग माना जा रहा है. बनारस के तुलसी घाट में स्वामीनाथ अखाड़ा ने ये फैसला 2016 में आई आमिर खान की फिल्म दंगल को देखने के बाद लिया.

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