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जौरा की 500 महिलाएं चरखे से तैयार कर रही 60 लाख की खादी

Posted on: 02 Oct 2017 07:25 by Ghamasan India
जौरा की 500 महिलाएं चरखे से तैयार कर रही 60 लाख की खादी

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के जौरा के 27 गाँवों की 500 महिलाओं का चुल्हा चौका 27 सालो से चरखे से चल रहा है। यहाँ अल्पसंख्यक और निर्धन महिलाओं ने करीब तीन दशक पहले बांस के चरखों को थामा था। अब ये महिलाए मिलकर इन चरखो से सालभर में 60 लाख रुपये की खादी तैयार करती हैं। यह खादी मुरैना सहित मध्यप्रदेश और दूसरे राज्यों में जौरा की खादी के नाम से एक ब्रांड के तौर पर बेची जाती है।

साल 1990 में जौरा के गांधी सेवा आश्रम में खादी का कपड़ा तैयार करने की छोटी सी इकाई शुरू हुई। इस इकाई को जौरा इलाके की 500 महिलाएं चला रही हैं। जौरा के 27 गांवों में इस तरह के 500 से अधिक चरखे चल रहे हैं। गांधी सेवा आश्रम जौरा से जुड़े रन सिंह परमार बताते हैं कि जौरा में खादी के उत्पादन को आश्चर्यजनक ढंग से बढ़ाने का सारा श्रेय इन्हीं महिलाओं को जाता है।

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