छठ व्रत पर डूबते सूर्य का करे अर्घ्य, नहीं होगी समस्या

0
33

नई दिल्ली। छठ व्रत में सूर्य का बहुत महत्व है या यू कहे तो ये इस सूर्य की आरधना का पर्व कहा सकते है हर व्रत में उगते सूर्य का विशेष महत्व होता है पर छठ व्रत में ही डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। लेकिन बहुत बड़े स्तर पर लोग छठ में डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। छठ महापर्व में पहले डूबते सूर्य को ही अर्घ्य दिया जाता है फिर आगामी सुबह को उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।

छठ पर्व में अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देने के पीछे बहुत पुरानी कथा है। पुराणों में उल्लेख मिलता है कि डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ-साथ उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने से मनुष्य के जीवन की प्रायः सभी समस्याओं का समाधान हो जाता है।

डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लाभ
बिना कारण मुकदमे में फसें लोगों को इसका लाभ मिलता है। इस तरह के मुकदमों से छुटकारा मिलता है।

सरकारी विभागों में यदि कोई काम अटका हुआ है तो इस स्थिति में अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देने से बिगड़े काम बनते हैं।

जिस व्यक्ति को पाचन तंत्र से संबंधित समस्या है उसे इस प्रकार की समस्यों से लाभ मिलता है।

जिन लोगों को आँखों की रोशनी घट रही है या कम हो रही है उन्हें डूबते सूर्य को अर्घ्य को देना लाभकर माना गया है।

यदि कोई विद्यार्थी परीक्षा में बार-बार असफल हो रहा हो तो उन्हें अस्त होते सूर्य को अर्घ्य जरूर देना चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here