गोलमाल नॉट अगेन’ या यूँ कहें की नेवर अगेन

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नई दिल्ली : गोलमाल फिल्म एक बार फिर बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई कर रिकार्ड तोड़ रही है, जबकि रोहित शेट्टी की फिल्म के गोलमाल सीरीज में बस गोलमाल ही रहता है , यानी हास्य का तड़का तो होता है पर दिल में पैठने वाला स्वाद नहीं रहता है, जबकि गोलमाल नाम लिया गया है ऋषिकेश मुखर्जी की 1979 में आयी फिल्म गोलमाल से जो अपने हीरो अमोल पालेकर के बजाए उत्पल्ल दत्त के नाम से ज्यादा याद की जाती है । दीना पाठक , डेविड , बिंदिया गोस्वामी , देवेन वर्मा , शोभा खोटे और इन सब के साथ अमोल और उत्पल के सरस अभिनय की ये चाशनी गजब की मिठास लिए हुए थी , रोहित शेट्टी की फिल्म के गोलमाल सीरीज में बस गोलमाल ही रहता है , यानी हास्य का तड़का तो होता है पर दिल में पैठने वाला स्वाद नहीं रहता है।

हालांकि इसमें कोई शक नहीं की इस महान फिल्मकार की फिल्म गोलमाल के नाम का फायदा रोहित शेट्टी ने बखूबी उठाया है, इस फिल्म में भी वही सभी सितारे हैं यानी की अजय के अलावा अरशद वारसी , श्रेयस तलपड़े , कुणाल खेमू , और तुषार कपूर । फिल्म में कहानी एक अनाथालय के आस पास की दुनिया से शुरू होती है और सिंड्रेला की दुनिया सा यह अनाथालय देख के लगता है की परियों के देश में ये पांच बच्चे बच्चे पल रहे हैं । अनाथ बच्चों में ये पांचों के साथ एक लड़की ख़ुशी भी इनकी दुनिया में आ जाती है जो बाद में परिणीति चोपड़ा के रूप में दिखाई देती है और वास्तव में आत्मा के रूप में फिल्म में अपना किरदार निभा रही होती है ।

हालांकि फिल्म में तब्बू भी है जिसे भूत दीखते हैं और वो उनसे बातें भी करती है सो इसी हुनर के कारण वो जान पाती है की अनाथालय के मालिक और हीरोइन का क़त्ल निखिल ( नील नितिन मुकेश ) ने किया है और फिर इन पांच नायकों की सहायता से अपनी भूतिया ताकत का इस्तेमाल कर वो अपना बदला लेती है । सो भूत प्रेत , उनके डर और आपस की बिना कारण खुन्नस से उपजे हास्य से यह फिल्म हलके फुल्के गोलमाल तरीके से सजाई गयी है,  फिल्म देख के लगा रोहित शेट्टी से कह दें की रोहित भाई बहुत हो गया बस अब ‘गोलमाल नॉट अगेन’ या यूँ कहें की नेवर अगेन।

 

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