क्रान्तिकारी की एक चाल से हिल गया था अमेरिका

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नई दिल्ली: 9 अक्टूबर 1967 का दिन, ये तारीख कोई आम तारीख नहीं है, बल्कि जब-जब 9 अक्टूबर आता है, तो पूरी दुनिया को महान क्रांतिकारी ‘अर्नेस्तो चे ग्वेरा’ की याद आ जाती है. चे ग्वेरा को हिरासत में लेकर आज से 50 साल पहले मार दिया गया था. मरने से पहले चे ग्वेरा कहना था कि, ‘तुम एक इंसान को मार रहे हो, लेकिन उसके विचारों को नहीं मार सकते’.

भारत में जिस तरह से भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और अन्य क्रांतिकारियों को प्रमुखता से जाना जाता है, उसी तरह से चे ग्वेरा लैटिन अमेरिका, क्यूबा और कई देशों में जाने जाते हैं.भारत में भी चे ग्वेरा से बहुत प्रभावित हुए थे और आज उनके जैसा बनना चाहते है.

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