दिवाली स्पेशल: कल है एकादशी जाने महत्व और कथा

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नई दिल्ली। कल है मोक्षदायिनी एकादशी इस साल ये रविवार दिनांक 15 अक्तूबर को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की ग्यारस तिथि के उपलक्ष्य में  एकादशी पर्व मनाया जाएगा। दीपावली से ठीक चार दिन पहले मनाया जाने वाला एकादशी पर्व अपने आप में बहुत खास है आइये जानते है इस व्रत कि कथा

प्रचलित कथा के अनुसार, राजा मुचुकुंद की पुत्री चंद्रभागा का विवाह राजा चंद्रसेन के पुत्र शोभन के साथ हुआ। शोभन भी विवाह के बाद चंद्रभागा के साथ एकादशी का व्रत रखने लगा। कार्तिक कृष्ण एकादशी पर शोभन की व्रत रखने पर भूख से मृत्यु हो गई।

मृत्यु उपरांत शोभन को मंदराचल पर्वत स्थित देवनगरी में सुंदर आवास मिला, जहां उनकी सेवा के लिए रंभा नामक अप्सरा जुटी रहती थी क्योंकि रमा एकादशी के प्रभाव से मृत्यु उपरांत रंभादि अप्सराएं सेवा में रहने लगती हैं। इसी कारण इसे ‘रंभा एकादशी’ भी कहते हैं।

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