नई दिल्ली: हर आदमी के पास अपनी एक कला होती है। हमारे लिए कोई भी काम दोनों हाथो से करना थोड़ा मुश्किल होता है। यदि दोनों हाथो से हम कोई काम कर भी ले लेकिन पैरो से करना तो नामुमकिन है। इस नामुमकिन काम को मुमकिन कर दिखाया है साहिबगंज के एक शख्स ने।

साहिबगंज के रहने वाले विप्लव राय चौधरी ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिसपर यकीन कर पाना थोड़ा मुश्किल है। दरअसल, विप्लव सिर्फ दोनों हाथो से ही नहीं बल्कि दोनों पैरो से भी पेंटिंग बना लेते है। विप्लव पेशे से एक शिक्षक है। लोगों का यहां तक कहना है कि भाई इनके हाथ पैरों में तो जादू है।

विप्लव को बचपन से ही कुछ अलग करने की चाह थी। पांच साल की उम्र में विप्लव को ऐसी ललक जागी कि चित्रकला के वे दीवाने हो गए। जब कुछ बड़े हुए तो सोचा कि हाथ से ही क्यों पैरों का भी प्रयोग पेंटिंग बनाने में किया जाए। यह तो अलग ही विधा हो जाएगी। इसके बाद उनकी कुछ दिनों में मेहनत रंग लाई और वे हाथ-पैरों के प्रयोग से एक से एक चित्र बनाने लगे।

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