लखनऊ : उत्तर प्रदेश में आज इतिहास में अपने आप को दोहराया है. दरअसल आज उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के अघोषित गठबंधन ने गोरखपुर और फूलपुर में भाजपा को पटखनी दे दी है. खास बात यह है कि गोरखपुर और फूलपुर क्रमशः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की लोकसभा सीटें है, ऐसे में इन सीटों पर हार भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.Image result for akhilesh and mayawatiबता दे कि यह पहली बार नहीं है जब भाजपा को हराने के लिए समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच गठबंधन हुआ हो, बल्कि 25 साल पहले 1993 में भी समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने गठबंधन कर भाजपा को हराया था. उस समय समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और बहुजन समाज पार्टी के अध्यक्ष कांशीराम हुआ करते थे.Image result for mulayam singh and kashiramदरअसल 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद राम लहर पर सवार भाजपा को हराने के लिए उस समय मुलायम सिंह यादव और काशीराम को अहसाह हो गया था कि अगर भाजपा को हराना है तो फिर दोनों को साथ आना पड़ेगा.

आज की तरह भाजपा का मुक़ाबला करने के लिए उस समय भी सपा-बसपा गठबंधन की नींव पड़ी और आज की तरह ही उस समय भी यह गठबंधन सफल रहा और उसने भाजपा को उत्तर प्रदेश हरा दिया. मुलायम सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने.

हालांकि बाद में 1995 में उस समय बसपा उपाध्यक्ष रही मायावती पर कथित तौर पर सपा के लोगों ने हमला कर दिया और 12 बसपा विधायकों के जबरन उठा कर ले गए. इस घटना को स्टेट गेस्ट हाउस कांड के नाम से जाना जाता है.

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