स्मृति ईरानी बोले तो अब तक छप्पन | Smriti Irani filed ‘Nomination’ against Rahul Gandhi from Amethi

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सीना छप्पन इंच का या अब तक छप्पन… जैसे जुमले आम हैं। वैसे तो इस तरह के जुमलों का स्मृति ईरानी से कोई लेना देना नहीं, लेकिन अमेठी में कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी से चुनावी मुकाबला करने पहुंची ईरानी का नामांकन के साथ दायर हलफनामा तो कम से कम यही बताता है।

जी हां, बीते लोकसभा चुनाव के नामांकन के समय जो हलफनामा उन्होंने दाखिल किया था उसमें और इस बार जो दाखिल किया उसमें छप्पन लाख रुपए का अंतर है, चल-अचल संपत्ति में। संपत्ति का यह आंकड़ा उनके बढ़ते जा रहे पद औऱ प्रभाव की तुलना में कहीं ठहरता नहीं। फिर भी किसी के हलफनामे को चुनौती कैसे दी जा सकती है। चुनाव आयोग भी नहीं देता। उधर, उनका ही हलफनामा अब यह जरूर बता रहा है कि वे ग्रेजुएट नहीं है, भले ही देश के शिक्षा मंत्री यानी मानव संसाधन विकास मंत्री का ओहदा संभाल चुकी हो। यानी शैक्षणिक योग्यता और व्यवहारिक योग्यता या राजनीतिक प्रभाव का कोई सीधा संबंध नहीं बैठता।

हम बताते चलें कि उनके ग्रेजुएट न होने को लेकर उनके शिक्षा मंत्री रहते ही खासा विवाद छिड़ा था और अंततः उन्हें सफाई देना पड़ी थी कि उन्होंने डिग्री पूरी नहीं की है। इस बार दाखिल हलफनामे में बने उच्च शिक्षा वाले कॉलम में उन्होंने साफ तौर पर स्वीकारा है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (पत्राचार) से ‘बैचलर ऑफ कॉमर्स पार्ट-1.’ कोर्स में 1994 में प्रवेश लिया था। कोर्स तीन साल का था जो उन्होंने पूरा नहीं किया।

जहां तक संपत्ति का मामला है सोलहवीं लोकसभा के चुनाव के समय अमेठी में ही दाखिल हलफनामे में उनकी संपत्ति चार करोड़ से कुछ ही ज्यादा थी। वहीं सत्रहवीं लोकसभा के चुनाव के पहले दायर हलफनामे के मुताबिक यह 4.71 करोड़ तक पहुंच गई है। इसमें पौने दो करोड़ की चल संपत्ति और करीब तीन करोड़ की अचल संपत्ति है। इसमें भी डेढ़ करोड़ रुपए से कुछ कम की खेती की जमीन और इससे कुछ ज्यादा का मकान शामिल है।उनके पास सवा छह लाख नकदी और करीब नब्बे लाख का बैंक बैलेंस भी है।

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