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प्रदेश में हर 5 घंटे में कर्ज से दबा 1 किसान कर रहा है आत्महत्या: रवि सक्सेना

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प्रदेश में हर 5 घंटे में कर्ज से दबा 1 किसान कर रहा है आत्महत्या: रवि सक्सेना Ghamansan Editor

वर्ष 2015 में 4595 खेतीहर किसानों ने आत्महत्या की,

भोपाल: एक बार फिर मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता रवि सक्सेना ने किसान आत्महत्या मामला उठाते हुए भाजपा सरकार पर वार किया।   

इतना ही नही उन्होंने कहा है कि प्रदेश की किसान हितैषी होने का दावा करने वाली भाजपा सरकार के राज में पिछले 1 साल (फरवरी 16 से लेकर फरवरी 17) में मप्र में 1982 खेतीहर किसानों ने आत्महत्या की है और सरकार इनकी आत्महत्याओं को घरेलू हिंसा, आपसी विवाद का कारण बताने का प्रयास कर रही है। जबकि नेशनल क्राईम ब्यूरो के अनुसार वर्ष 2015 में 4595 खेतीहर किसानों ने आत्महत्या की, जिसमें घरेलू कारणों की बजह से 40.1 प्रतिशत (1843) और बीमारी की बजह से 19 फीसदी (872) ने मौत को गले लगाया। कर्ज से जुडी आत्महत्याओं को वित्तीय और गैर वित्तीय संस्थानों ने मात्र 3.4 फीसदी (155) और 2.2 प्रतिशत (100) बताया है। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में प्रति पांच घंटे में एक किसान आत्महत्या कर रहा है और प्रदेश की पुलिस इन आत्महत्याओं की बजह कर्ज के बजाय अन्य कारणों से आत्महत्या बताकर मामले पर बेशर्मी से पर्दा डालने की कोशिश कर रही है जो कि सरकार द्वारा किया जा रहा अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं शर्मनाक कृत्य है।   

श्री सक्सेना ने कहा है आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार केवल अलीराजपुर में ही वर्ष 2014-16 के बीच 546 किसानों ने आत्महत्याऐं की है, जिन्हें सरकार ने घरेलू हिंसा, बीमारी से हुई मौतों का रंग देंने का प्रयास किया है।

श्री सक्सेना ने कहा कि प्रदेश का किसान 72000 करोड़ रूपयों के कर्जबोझ से दबा हुआ है, किसानो  की फसलें महंगे खाद-बीज, बिजली, पानी के कारण लगातार घाटे का सौंदा साबित हो रही हैं। राज्य सरकार ‘‘जीरो प्रतिशत ब्याज’’ देने का ढोग कर रही है जबकि किसान हो लगभग 15-16 प्रतिशत तक ब्याज भरना पड़ रहा है, इस कारण किसान कर्ज के बोझ से आत्महत्या करने के लिए विवश हो रहा है।

श्री सक्सेना ने राज्य सरकार से मांग की है कि जिस तरह उत्तर प्रदेश के किसानों का कर्ज माफ किया गया है, उसी तरह मध्यप्रदेश के कर्ज से दबे हुए किसानों का कर्जा भी माफ किया जाये।


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