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अलसी के तेल से कैंसर के इलाज में सफलता संभव:डॉ प्रयाग डाभी

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अलसी के तेल से कैंसर के इलाज में सफलता संभव:डॉ प्रयाग डाभी Ghamansan Editor

ट्रांसफैट से भरपूर वनस्पति एवं रिफाईन्ड तेल मनुष्य के सबसे बडे दुश्मन है।

नई दिल्ली। दोस्तो नमस्कार, मै डा.प्रयाग. डाभी, आज आपको केंसर विषय पर हुए असाधारण रिसर्च के बारे मे बताता हूँ।

जर्मनी के विश्व विख्यायत डॉक्टर जोहाना वुडविग ने केंसर के मुल कारण को खोज निकाला था। यह जानकारी डॉ.आे.पी.वर्मा ने 1 साल पहले रविवार पिंकसिटी प्रेस क्लब में शेयर की थी। डॉ.वर्मा के अनुसार यदि कोशिका ( सेल) मे ऑक्सिजन का स्तर 48 घंटे में 36% कम हो जाए तो वह केन्सर ग्रस्त कोशिकाए मे बदल जाता है।

डॉ.जोहाना वुडविंग का मानना था कि सलफ्यूरिक प्रोटिन आैर फैट, आेक्सिजन को कोशिका मे आकर्षित करते है। तभी वुडविंग ने फैट्स को पहचानने पेपर क्रोमेटोग्राफिक तकनीक का आविष्कार किया था।

जिनसे पता चलता है कि वह अग्यात फैट अलसी के तैल मे भरपूर पाए जाने वाला लिनोलेनिक ऐसिड है।यह 1 आेमेगा-3 फैट है, आैर केन्सर ग्रस्त लोगो मे इसका प्रमाण बहुत ही कम होता है।

इस तरह वुडविंग ने अलसी के तैल, स्वस्थ आहार एवं चिकित्सा के साथ कैंसर कि यह तकनीक विकसित की थी। डॉ.वर्मा ने बताया कि इस तरह के उपचार से 90% प्रमाणिक सफलता मिलती है। उन्हें नोबेल प्राइज के लिए 7 बार नोमिनेट किया गया। उसने यह भी साबित किया था कि ट्रांसफैट से भरपूर वनस्पति एवं रिफाईन्ड तेल मनुष्य के सबसे बडे दुश्मन है।

डॉ.वर्मा ने बताया कि केन्सर ग्रस्त रोगी के शरीर मे बहुत ही माञा मे टोक्सिक जमा हो जाते है। जिनके लिए नियमित रुप से कॉफी, सोडाबाईकार्बोनेट, ऐनिमा , ग्रिन टी लिया जाना चाहिए। उसने यह कहकर तहलका मचा दिया है कि केंसर बहुत ही कमजोर एवं असहाय रोग है।अलसी के प्रयोग से 90% सफलता संभव है।

संजीवनी हैल्थ केयर,भावनगर
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