नई दिल्ली : चीन के सैनिक विस्तार पर लगाम लगाने के लिए हिंद महासागर में भारत और फ्रांस ने हाथ मिलाने का फैसला किया है। इसके लिए दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार हो गए हैं। जबकि दो दशक पुराने रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करते हुए दोनों देशों के बीच एक-दूसरे के सैनिक अड्डे का इस्तेमाल करने का महत्वपूर्ण समझौता हुआ है।

हालंकि इसके तहत भारत और फ्रांस एक दूसरे के नौसैनिक अड्डों का इस्तेमाल अपने युद्धपोत रखने के लिए कर सकेंगे। पहली बार भारत आए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फैसला लिया है कि दोनों देश रणनीतिक और कूटनीतिक तौर पर एक-दूसरे की हरसंभव मदद करेंगे।

जबकि भारत और फ्रांस के बीच दोनों नेताओं ने 10.4 लाख करोड़ रुपये के 14 समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। फ्रांस की कंपनियों की तरफ से करीब 20 करोड़ यूरो ‘लगभग 1,600 करोड़ रुपये’ के नए निवेश का रास्ता भी खुला है।

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