उदयपुर: जीबीएच अमेरिकन हाॅस्पिटल में तीन ह्दय रोगियों की क्रानिक टोटल आॅक्यूृजन (सीटीओ) की स्थिति में जटिल एंजियोप्लास्टी की गई। इन तीन ह्दय रोगियों की सीटीओ पर जीबीएच अमेरिकन हाॅस्पिटल के वरिष्ठ इंटरवेंषनल कार्डियोलाॅजिस्ट डाॅ. अमित खंडेलवाल एवं लंदन के फ्रीम्ले पार्क हाॅस्पिटल के इंटरवेंषनल कार्डियोलाॅजिस्ट डाॅ. सुधीर राठौड़ ने डाॅक्टर्स और स्टाफ को दो चरणों में हुई कार्यषाला में प्रषिक्षण भी दिया।

ग्रुप डायरेक्टर डाॅ. आनंद झा ने बताया कि जीबीएच अमेरिकन हाॅस्पिटल की कार्डियेक कैथलेब में इंटरवेंषनल कार्डियोलाॅजिस्ट डाॅ. अमित खंडेलवाल और लंदन के डाॅ. सुधीर राठौड़ ने जटिल एंजियोप्लास्टी पर कार्यषाला की। इस कार्यषाला के दौरान सीटीओ के तीन केस की जटिल एंजियोप्लास्टी भी की गई। कार्यषाला में तीन ह्दय रोगी क्रमषः 84 वर्षीय, 60 वर्षीय पुरूष और 67 वर्षीय महिला की जटिल एंजियोप्लास्टी की गई। इसमें 84 वर्षीय पुरूष की मुख्य नाड़ी में 90 प्रतिषत ब्लाॅकेज था। उससे उनका पंपिंग फंक्षन सिर्फ 40 प्रतिषत रह गया था। रोगी डायबिटिज, ब्लड प्रेषर और गुर्दा रोग से भी ग्रसित थे।

इसमें मुख्य नाड़ी मे दो स्टंट लगाकर बायफरकेषन एंजियोप्लास्टी की गई। इसी तरह 67 वर्षीय महिला डायबिटिज, थायराइड रोगी थी। उनकी एक नाड़ी में 95 प्रतिषत ब्लाॅकेज था जिसमें काफी मात्रा में कैल्षियम जमा था। इसमें रोटा एब्लेषन तकनीक से कैल्षियम हटाकर आईवीयूएस से देखते हुए स्टंट लगाया गया। एक अन्य 60 वर्षीय पुरूष रोग को दो मेजर ब्लाॅकेज थे। इसमें एक में 100 प्रतिषत सीटीओ था। इससे पंपिंग फंक्षन भी 25 प्रतिषत रह गया था।

रोगी को सीने में दर्द के साथ ष्वास लेने में भी तकलीफ थी। इसमें एडवांस रेट्रोग्रेड तकनीक से दो स्टंट लगाकर हाई रिस्क एंजियोप्लास्टी की गई। कार्यषाला में डाॅ. अमित खंडेलवाल और डाॅ. सुधीर राठौड़ ने डाॅक्टर्स और स्टाफ को को ऐसे मरीजों में ह्दय रोग की गंभीरता बताते हुए मरीजों को धर से इमरजेंसी तक देखरेख के तरीकों, कार्डियोलाॅजी से संबंधित प्रारंभिक जांचों, लक्षण और इलाज के तरीकों पर चर्चा की। प्रषिक्षण व कार्यषाला में डायरेक्टर डाॅ. सुरभि पोरवाल, ग्रुप डायरेक्टर मेडिकल सर्विसेज डाॅ. दिनेष षर्मा मौजूद रहे।