मुंबई: डॉन या गैंगस्टर… सिल्वर स्क्रीन पर ये किरदार बहुत पुराने हैं दर्शकों का खूब मनोरंजन किया है मगर समय के अनुसार ये किरदार और इनके स्वरूप बदलते रहे। 70 के दशक में डॉन खूब छाए पर्दे पर। अगर किसी खलनायक ने डॉन की भूमिका निभाई तो वो किरदार अक्सर नेगेटिव होते थे जहां खून खराबे, स्मगलिंग, महिलाओं की तस्करी वगैरह करता था वो गैंगस्टर लेकिन अगर जब कोई हीरो पर्दे पर डॉन बनता था तब वो या तो ज़ुल्म से सताए जाने के बाद डॉन बनता था या फिर गरीबी से तंग आकर गैंगस्टर बनता था हालांकि वो भी खतरों से खेलता था और ड्रनग्स या सोने की तस्करी करता था। डॉन का लुक और अंदाज़ भी निराले हुवा करते थे।

मगर मिलेनियम आने के बाद फिल्मों का रुख़ हुवा कॉमेडी की तरफ़ लेहाज़ा इन कॉमेडी फिल्मों में अगर कोई डॉन बना तो वो भी कॉमिक डॉन बन गया। डेविड धवन की कई फिल्मों में आशीष विद्यार्थी कॉमिक गैंगस्टर बने। सलमान ख़ान की फ़िल्म पार्टनर में राजपाल यादव छोटा डॉन बने थे और खूब मनोरंजन किया था दर्शकों का। पिछले साल आई फ़िल्म मुन्ना माइकल में नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी गैंगस्टर बने थे। ये गैंगस्टर एक लड़की के प्यार में डांस सीखने के पीछे पागल था ताकि वो उस लड़की पर अपना प्रभाव छोड़ सके।2आने वाली 2 मार्च को ऐसा ही एक और कॉमिक डॉन रुपहले पर्दे पर दर्शकों का मनोरंजन करेगा फ़िल्म वीरे की वेडिंग में। इस डॉन का नाम है रंगीले मामा और जितना दिलचस्प इनका नाम है उतना ही दिलचस्प है ये किरदकर। फिल्म वीरे की वेडिंग में ये किरदार दर्शकों का दिल खूब जीतेगा क्योंकि अपने नाम की तरह इसका किरदार भी रंगीन है। रंगीले मामा डॉन हैं हरियाणा के जो इंग्लिश सीखने के पीछे पागल हैं और इंग्लिश सीखने के लिए इन्होंने अपने साथ 4 अंग्रेज़ लड़कियों को रखा है। मज़ेदार बात ये है कि ये चारों अंग्रेज़ लड़कियां हरयाणवी बोलने लगती हैं मगर रंगीले मामा अंग्रेज़ी बोलना नहीं सीख पाते। इस दिलचस्प किरदार को निभाया है डॉक्टर राजेश बख्शी ने।

फ़िल्म वीरे की वेडिंग में जिम्मी शेरगिल, पुलकित सम्राट और कीर्ति खरबंदा मुख्य भूमिका निभा रहे हैं और फ़िल्म 2 मार्च को रिलीज़ होगी।