पॉलिटिक्स- आर्टिकल

पॉलिटिक्स- आर्टिकल

अतुल मालिकराम इन दिनों कंपनियों के बीच आपसी होड़ बढ़ी है। अपने हर प्रोडक्ट को बेहतरीन बताने की मार्केटिंग बनाई जा रही है। अपने हर प्रोडक्ट  लिए विज्ञापन तो दिया नहीं जा सकता, इसलिए रणनीति के तौर पर पब्लिक रिलेशन...
एक न एक दिन तो जाना ही था। हाँ थोड़ा जल्दी जा रहा हूँ। सोचा था जून जुलाई तक और उस चैनल की सेवा कर लूँ , जिसे जन्म दिया है, लेकिन ज़िंदगी में सब कुछ हमारे चाहने से...