जानें क्यों ‘लोहड़ी’ पर अग्नि जलाकर किया जाता है पूजन..

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नई दिल्ली : आज साल के पहले त्यौहार ‘लोहड़ी’ की देशभर में भूम मची हुई है। वैसे तो लोहड़ी पंजाब का प्रमुख त्यौहार माना जाता है। लोहड़ी के दिन लकड़ियों और उपलों का ढ़ेर बनाकर अग्नि जलाई जाती है।

लोहड़ी के पावन पर्व पर पवित्र अग्नि में रबी की फसलों को अर्पित किया जाता है। इसी दौरान फसलें कटकर घर आना शुरु होती हैं। Related imageफसल को अग्नि को अर्पित करने के लिए माना जाता है कि इससे सभी देवताओं को फसलों का भोग लग जाता है। सभी लोग पवित्र अग्नि के चारों तरफ नाच और गीत गाकर चक्कर लगाते हैं। Image result for लोहड़ीऐसा करके सूर्य और अग्नि को आभार प्रकट किया जाता है जिससे हर साल उनकी फसल पर प्रभु की विशेष कृपा रहे। एक प्रचलित कथा के अनुसार मकर संक्रांति के दिन कंस ने भगवान कृष्ण को मारने के लिए लोहिता नाम की राक्षसी को गोकुल भेजा था। Image result for लोहड़ीबाल कृष्ण ने खेल-खेल में ही राक्षसी का वध कर दिया था। उसी घटना को लोहड़ी के पर्व से जोड़कर देखा जाता है। लोहड़ी में आग जलाने की परंपरा से एक कथा भगवान शिव और सती माता से भी जुड़ी है। Image result for लोहड़ीराजा दक्ष ने अपनी बेटी सती के योगाग्नि-दहन की याद में अग्नि जलाई थी। सिंधी समाज में मकर संक्रांत से एक दिन पहले लाल लोही नाम का पर्व मनाया जाता है। पंजाबी कथा के अनुसार लोहड़ी के दिन दुल्ला भट्टी की कहानी को याद किया जाता है।