दिव्यांग सोनिया ने थाईलैंड में जीता स्वर्ण

Do not care for blood flowed by hands, no pain wins gold medal in shooting

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नई दिल्ली : आपको  हम एक ऐसी लड़की की कहानी बताएंगे जो ना तो कभी अपने लक्ष्य से भटकी और ना ही उसके हौंसले कभी डिगे है। उसने हौसले की उड़ान में दिव्यांगता को कभी आड़े नहीं आने दिया।उन्होंने न तो कभी दर्द की परवाह की और न ही अपने हाथ से बहते खून की, जबकि यह कहानी आगरा की रहने वाली दिव्यांग शूटर सोनिया शर्मा की है, जिन्होंने हाल ही पैरा वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है।सोनिया ने शूटिंग की शुरुआत रायफल से की थी। वजनी रायफल चलाने के लिए दूसरे हाथ की सख्त जरूरत पड़ती है।

हालाँकि सोनिया को इसमें काफी दिक्कत होती थी। सिर्फ बाएं हाथ से वह रायफल साध नहीं पाती थीं। असहनीय दर्द होता। हाथ से खून तक बहने लगता था। लेकिन मन में कुछ कर दिखाने का जज्बा था। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। डटी रहीं। शूटिंग रेंज में निरंतर कड़ा अभ्यास किया। मंजिल हालांकि पिस्टल से मिली,

जबकि रायफल से किया जाने वाला कठिन अभ्यास इसकी बुनियाद बना। मेहनत और प्रण के बूते आखिरकार उन्होंने वह कर दिखाया, जो वह चाहती थीं। शुक्रवार को थाईलैंड में संपन्न विश्व चैंपियनशिप के टीम इवेंट में सोनिया ने पिस्टल से सुनहरा निशाना साधा। वह टॉप-8 में जगह पाने में भी सफल रहीं है।