जानिए क्या होता है पुष्य नक्षत्र, क्यों की जाती है इस दिन खरीदी

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नई दिल्ली। पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रो का राजा भी कहते है । माना जाता है कि पुष्य नक्षत्र की साक्षी से किये गये कार्य सर्वथा सफल होते हैं।पुष्य नक्षत्र का स्वामी गुरु हैं। ऋग्वेद में पुष्य नक्षत्र को मंगल कर्ता, वृद्धि कर्ता और सुख समृद्धि दाता कहा गया है। इसलिए इस दिन खरीदारी करना शुभ माना जाता है

इस दिन विशेष कर सोना चादी सराफा, कपड़ा, बर्तन और इलेक्टॉनिक सामानों में की खरीदी की जाती है। इस वर्ष 13 अक्टूबर को शुक्र पुष्य नक्षत्र का संयोग पड़ रहा है। पुष्य नक्षत्र में इस बार लाभदायक होगा।

इस वर्ष 13 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र में सुबह 7:45 के बाद लगेगा जो सायं काल तक सामानों की खरीदारी करने में अति-शुभ माना जा रहा है।

प्रात: मुहुर्त में 7:30 से 9 बजे और सुबह 9 से दोपहर 1:30 तक अमृत चौघड़िया है। इस समय दोपहर 1:30 से सोनेे-चांदी, घर की बुकिंग, फर्नीचर, इलेक्टानिक सहित अन्य सामानों की खरीदारी की जा सकती है।

धनतरेस पर सुबह और सायं काल में सामानों की खरीदी शुभ है। इस दिन 10:30 से 12 बजे तक अमृत चाैघडि़या है।

जिसमें दोपहर 1:30 से 3 बजे तक लाभ है। सायं काल 7:30 से 9 बजे तक चांदी के सामानों में खरीदी करने पर अति शुभ माना गया है।

सायं काल में इस दिन बर्तन, इलेक्टॉनिक सामान, कपड़ा सहित अन्य सामानों की खरीदी करना शुभ होगा।