जुड़ रहे है युवा, तेजी से बढ़ रहा है संघकार्य : होसबोले

0
95

भोपाल :  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक के उद्घाटन अवसर  पर सह सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबोले ने दी जानकारी देते हुये कहा कि, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्य लगातार बढ़ रहा है । पिछले वर्ष संघ की शाखा के स्थान में लगभग 550  की वृद्धि हुई है। वर्तमान में 34 हजार से अधिक स्थानों पर शाखा और 15 हजार से अधिक पर साप्ताहिक  मिलन संचालित हो रहे है। अर्थात् लगभग 49 हजार 493 स्थानों पर शाखा और मिलन के माध्यम से समाज में संघकार्य चल रहा है। इसके साथ ही 1600 शाखाओं और 1700 साप्ताहिक मिलन की संख्या में भी वृद्धि हुई है।सह सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबोले ने भोपाल स्थित शारदा विहार में संघ के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक के औपचारिक शुभारंभ के बाद पत्रकारों को यह जानकारी दी। गुरु गोविंद सिंह सभागार में भारत माता की प्रतिमा  पर पुष्पार्चन कर संघ के सरसंचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह श्री सुरेश भैयाजी जोशी ने कार्यकारी मंडल की बैठक का शुभारंभ किया। इस अवसर पर देशभर में आये लगभग 350 संघ के कार्यकर्ता बैठक में उपस्थित है। बैठक में 11 क्षेत्रों एवं 42 प्रांतों के पदाधिकारी शामिल हुए है। अखिल भारतीय पदाधिकारी, क्षेत्रों एवं प्रान्तों के संचालक, कार्यवाह, प्रचारक आगामी तीन दिन में संघ की तीन वर्ष की कार्य योजना, कार्य विस्तार और पर विचार-मंथन करेंगे।सह सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबोले ने बताया कि समाज में संघ कार्य बढ़ा है। संघ कार्य के विस्तार में युवाओं की बड़ी भूमिका है। संघ का एक प्रकल्प है ज्वाइन आरएसएस, इसके माध्यम से बड़ी संख्या में टेक्नोसेवी युवा संघ से जुड़ रहे है। ज्वाइन आरएसएस के माध्यम से जुड़ने वाले युवाओं की संख्या में 2015 की तुलना में 2016 में 48 प्रतिशत और 2017  में 52 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह सभी आंकड़े जनवरी से जून तक के है। इनमें 20 से 35 आयु वर्ग की संख्या अधिक है। उन्होंने बताया कि संघ ग्राम विकास, कुटुम्ब प्रबोधन और सामाजिक समरसता जैसी गतिविधियां संचालित कर रहा है। संघ के कार्यकर्ताओं के प्रयास से लगभग 450  गाँवों में उल्लेखनीय बदलाव आया है।

श्री होसबोले बने बताया कि संघ मानता है कि परिवार समृद्ध और सुद्रढ़ होंगे तो राष्ट्र भी समर्थ बनेगा। इस विचार को लेकर संघ के कार्यकर्ताओं ने 15 वर्ष पूर्व कर्नाटक में कुटुम्ब प्रबोधन का प्रयोग प्रारंभ किया आज यह प्रयोग पूरे देश में चलाया जा रहा है, जिसके सतारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे है। कुटुंब प्रबोधन का मतलब समझाने के लिए सबको डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की पुस्तक पढनी चाहिए जो कुटुम्ब प्रबोधन के विषय पर उनके और जैन संत आचार्य महाप्रज्ञ के साथ संवाद पर आधारित है। इस पुस्तक में पारिवारिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण पर अच्छा मार्गदर्शन है।

श्री होस्बाले ने बताया कि कार्यकारी मंडल की रचना तीन वर्ष के लिए होती है। मार्च 2018 में यह तीन वर्ष पूरे हो रहे है। इसलिए कार्यकारी मंडल की रचना के सम्बन्ध में भी विचार किया जाएगा, जिसे मार्च-2018 में होने वाली प्रतिनिधि सभा की बैठक में अंतिम स्वरूप दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि संघ का कार्य शुरू से ही अच्छा है। लंबे समय के बाद अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक भोपाल में हो रही है। संघ ने देश के लगभग 20 स्थानों पर बुद्धिजीवियो के बीच उद्बोधन में आए विभिन्न विषयो पर चर्चा का आयोजन किया है।

प्रदर्शनी ”धरोहर” का उदघाटन: महापुरुषों के जीवन दर्शन पर केंद्रित प्रदर्शनी ”धरोहर” का उदघाटन गुरूवार प्रातः 8:15 बजे सह सरकार्यवाह श्री सुरेश जी सोनी ने किया प्रदर्शनी ने पद्म्भूष्ण कुशोक बकुल रिनपोछे के जीवन दर्शन को दिखाया गया है। यह उनका जन्मशताब्दी वर्ष है उन्होंने जम्मू-कश्मीर में शिक्षा के प्रसार और समाज सुधर के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया। इसके साथ ही 350वीं जयंती के उपलक्ष में गुरु गोविन्द सिंह और 150वीं जतान्ति के उपलक्ष्य में भगिनी निवेदिता के जीवन दर्शन को भी प्रदर्शित किया गया है। संघ के संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार के सम्बन्ध में भी चित्र प्रदर्शित किए गए है।