आज अहोई अष्टमी है जाने श्रीकृष्ण से जुड़ीं पुराणिक कथा

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नई दिल्ली। आज अहोई अष्टमी है यहाँ उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख पर्व है इस पर्व के पीछे एक पुराणिक कथा है आइये जानते है। मान्यता है कि श्रीकृष्ण अरिष्टासुर का वध करने के बाद जब राधारानी से उनके निज महल में मिलने गए तो राधारानी ने उनसे मिलने से मना कर दिया।

और कहा उन्होंने गोवंश की हत्या की है इसलिए वे हत्या के दोषी हैं और इसके लिए वे कम से कम सात तीर्थों में जाकर स्नान करें और तब यहां आएं  श्रीकृष्ण ने अपनी बासुरी से गड्ढा खोदकर सात तीर्थों की जगह सभी तीर्थों का आह्वान किया और सभी तीर्थों का जल आने के बाद उन्होंने उस कुंड में स्नान किया। श्रीकृष्ण स्नान करके निज महल में पहुंच गए और उसे अंदर से बंद कर दिया।

जब राधारानी ने निज महल में प्रवेश करना चाहा तो श्यामसुन्दर ने दरवाजा नहीं खोला। राधारानी के बहुत अनुरोध के बाद उन्होंने कहा कि चूंकि वे उनकी अर्धांगिनी हैं इसलिए अरिष्टासुर की हत्या का आधा पाप उन्हें भी लगा है इसलिए वे शुद्ध जल से स्नान करके आएं तभी उन्हें निज महल में प्रवेश मिलेगा। इसके बाद राधारानी ने अपने कंगन से खोदकर कुंड को प्रकट किया और उसमें स्नान करने के बाद वे निज महल में पहुंची तो श्यामसुन्दर ने दरवाजा खोल दिया।

उन्होंने बताया कि जिस दिन श्यामसुन्दर और राधारानी ने यह लीला की थी उस दिन अहोई अष्टमी थी इसलिए उन्होंने यह भी कहा कि जो व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ कंगन कुंड में आज के दिन स्नान करेगा उसे अच्छी संतान की प्राप्ति होगी तथा जो व्यक्ति इस दिन के बाद अन्य दिनों में दोनो कुडों में से किसी कुंड में स्नान करेगा उसे मोक्ष की प्राप्ति होगी।