इस देवता की पूजा मिल कर करते हैं हिन्‍दू मुस्लिम

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राजस्‍थान :गोगा नवमी के दिन राजस्‍थान के लोकदेवता के रूप में गोगा जी की पूजा की जाती है। गोगा नवमी 16 अगस्‍त को है। इस दिन श्रीजाहरवीर गोगाजी का जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया जाता है।गोगाजी राजस्थान के लोक देवता हैं जिन्हे जहरवीर गोगा जी के नाम से भी जाना जाता है। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले का एक शहर गोगामेड़ी है। यहां भादों शुक्लपक्ष की नवमी को गोगाजी देवता का मेला लगता है। इन्हें हिन्दू और मुसलमान दोनो पूजते हैं। वीर गोगाजी गुरुगोरखनाथ के परमशिष्य थे।

उनका जन्म विक्रम संवत 1003 में चुरू जिले के ददरेवा गाँव में हुआ था। श्रीगोगादेव का जन्म नाथ संप्रदाय के योगी गोरक्षनाथ के आशीर्वाद से हुआ था।यह स्थान हिंदू और मुस्लिम एकता का प्रतीक है। गोगाजी को साँपों के देवता के रूप में भी पूजा जाता है। यह गुरु गोरक्षनाथ के प्रमुख शिष्यों में से एक थे। जयपुर से लगभग 250 किमी दूर स्थित सादलपुर के पास दत्तखेड़ा में गोगादेवजी का जन्म हुआ था। गोगादेव की जन्मभूमि पर सैकड़ों वर्ष बीत जाने के बाद भी उनके घोड़े की रकाब अभी भी वहीं पर विद्यमान है। वहां पर गुरु गोरक्षनाथ का आश्रम भी है। यहां गोगादेव की घोड़े पर सवार मूर्ति। सर्पदंश से मुक्ति के लिए गोगाजी की पूजा की जाती है।