आप भी पढिए रोजमर्रा के खाने वाली चीजों पर बनी यह इन्दौरी रिपोर्ट

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इंदौर: शहर के एक इंस्टिट्यूट ने हमारे रोजमर्रा की खाने वाली चीजों पर अपनी एक रिपोर्ट पेश की जिसे पढ़कर आप शायद यकीन ना कर पायें। तो चलिए जानतें है इस रिपोर्ट के बारे में.

दरअसल इंदौर के “सराफा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सेंव एंड चटोरा साइंस” की रिपोर्ट में कहा गया है की गरम उतरी दाल की कचौरी से शरीर को जरुरी प्रोटीन्स मिलते हैं। चाय के बाद कच्ची का गुटखा दबाने से शरीर को जरुरी मिनरल्स प्राप्त होते हैं। गुटखा, सुबह के समय में कॉन्स्टिपेशन को प्रेशर के साथ स्मूथ मोशन बना देता है।

इतना ही नही भूखे पेट समोसा खाने से वजन तेजी से कम होता है। वहीं आलू बड़ा वजन बढ़ाता है। समोसा, सेंव-चटनी के साथ बनाकर खाने से स्वास्थ पर रामबाण असर करता है। मुंग के भजिये, हरी मिर्च के साथ खाने से आपको किडनी में भाटे की समस्या नहीं होगी। झन्नाट पॉवर गाठिये हार्ट के लिए फायदेमंद है। जीरावन ब्लड प्यूरी-फायर का काम करता है।

वही रिपोर्ट में महिलाओं के लिए पानी पतासे का मसालेदार नमकीन पानी अमृत है बताया गया है।

मोरसल्ली गली की चकोनचक्क हलाहल ग्रीन बूटी खाने से मेंटल स्ट्रेस कम होता है। चक मस्ती में परम प्राप्त करने के लिए एक अंटी दबाकर परम प्राप्त कर सकते हैं। जलेबी देखने भर से ब्लड प्रेशर नियंत्रण में आ जाता है।

उस्सल पोहे की गरम तरी पिलाने से शिशुओं की हड्डियां मजबूत होती है। बेबीफूड पर तरी जीरावन निपोरकर खिलाने से बच्चा तेजी से बढ़ता है। शिकंजी पीने से बॉडी फिल्टर होती है। दाल बाफले लड्डू तो संजीवनी बूटी है। विश्वास नहीं हो तो तीन टाइम जीमने वाले बॉडी बिल्डर प्रेमचंद ढींगरा और अर्नोल्ड शिवाजीनगर भिया को देख लो। सभी चीज़ें आंग को लगती है। जो नटे उसका खून घटे। इसलिए आन दो, चक मस्ती में छानते रहो।