सावन में ऐसे करें भगवान शिव की उपासना, भोले देंगे वरदान

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नई दिल्ली : सावन माह में श‍िव पूजन का व‍िशेष महत्‍व है। शास्त्रों में बताया गया है कि भगवान शिव की लिंग स्वरूप में पूजा करने से भोलेनाथ बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं और सावन के महीने में ये उपाय और भी ज्यादा प्रभावशाली हो जाते हैं और कई गुना फल देने लगते हैं। देवों के देव शिवशंकर भोलेनाथ अपने भक्तों के मन की बात बहुत जल्दी सुनते हैं। मन से पूजन करो तो शि‍व बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। ह‍िंदू धर्म में सावन का महीना शिव जी की आराधना के लि‍ए महत्‍वपूर्ण माना जाता है।

सावन में सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्‍नान ध्‍यान करें। इसके बाद हर द‍िन शि‍वल‍िंग पर जल से अभ‌िषेक करना चाह‍िए। सामान्‍य द‍िनों की अपेक्षा सावन में श‍िव‍ल‍िंग पर जल अभ‍िषेक करने से श‍िव जी की व‍िशेष कृपा म‍िलती है। इसके बाद श‍िव जी की पूजा में दूध, ब‍िल्‍व पत्र आद‍ि को व‍िध‍िव‍त श‍िव जी को अर्पित करें। शि‍व पूजन में धतूरा, भांग, कुमकुम, घी आद‍ि को व‍िशेष रूप से शाम‍िल करें। श‍िव जी के ऊपर गाय का दूध अर्पित करें

श‍िव जी की आरती करने के बाद उनके आगे हाथ जोड़कर अंजाने में की गई गलत‍ियों के ल‍िए क्षमा याचना करें। पूजा के बाद घर में श‍िव जी के जयकारे जरूर लगाएं। हो सके तो शाम के समय भी श‍िव जी की आरती करें।

इसके साथ ही सावन के महीने में रुद्राक्ष की माला से श‍िव जी के मंत्र 108 बार जपने से भी श‍िव जी खुश होते है। शिव मंत्र 1- ऊँ महाशिवाय सोमाय नम: या फ‍िर शिव मंत्र 2-ऊँ नम: शिवाय का जाप करना चाह‍िए।

सावन के सोमवार को व्रत भी रखने से श‍िव जी खुश होते हैं। अगर न‍िर्जल व्रत नहीं रख सकते तो फलाहर के साथ यह व्रत रखा जा सकता है। इस व्रत में एक पहर ब‍िना नमक का अन्‍न भी खाया जा सकता है।

एसी मान्‍यता है क‍ि जो लड़क‍ियां सावन के सोमवार को व्रत रखती हैं वह मनचाहा वर पा सकती है। वहीं श‍िव जी अपने सभी भक्‍तों की मनोकामना पूरी करते हैं।